Vishwas Patil : 26/11 के हीरो लेखक आईपीएस विश्वास पाटिल से कांग्रेस क्यों नाराज हुई, जानिए पूरा विवाद

26/11 मुंबई आतंकी हमलों में साहस दिखाने वाले चर्चित आईपीएस अधिकारी और लेखक विश्वास नांगरे पाटिल एक नए राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। आखिर कांग्रेस उनकी किस बात से नाराज है, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक असर क्या हो सकता है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Vishwas Patil

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 26, 2026

Vishwas Patil : महाराष्ट्र में नागपुर के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल एक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे ‘सकल हिंदू समाज’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं। इस भाषण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसके संस्थापक डॉ. के.बी. हेडगेवार की प्रशंसा की। उनके इस रुख को लेकर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है और इसे ‘ऑल इंडिया सर्विसेज’ (आचरण) नियमों का सीधा उल्लंघन करार दिया है। विपक्षी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तीखे सवाल किए हैं।

राजनीतिक निष्पक्षता और आचरण नियमों का उल्लंघन?

कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को किसी भी राजनीतिक या वैचारिक संगठन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने से पहले सरकार से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होती है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या नांगरे पाटिल ने इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी ली थी? कांग्रेस का कहना है कि नियम के अनुसार, सरकारी अधिकारियों को राजनीतिक रूप से तटस्थ रहना चाहिए। किसी विशेष विचारधारा का समर्थन करना या उसके मंच से प्रशंसा करना उनकी संवैधानिक निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। पार्टी के अनुसार, यह मसला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता और जनता के भरोसे से गहराई से जुड़ा हुआ है।

पुलिस प्रशासन और संवैधानिक मर्यादाओं पर सवाल

विपक्षी दल ने तर्क दिया है कि पुलिस का मूल कार्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी नागरिकों को निष्पक्ष सुरक्षा प्रदान करना है। ऐसे में यदि पुलिस का शीर्ष नेतृत्व सामाजिक या राजनीतिक आधार पर बंटे हुए संगठनों का महिमामंडन करता है, तो इससे जनता में गलत संदेश जाता है। कांग्रेस ने मांग की है कि यदि अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो सरकार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करे। यह विवाद अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है कि क्या एक लोक सेवक को निजी विचार और सरकारी आचरण के बीच संतुलन बनाए रखने में चूक हुई है।

कौन हैं विश्वास नांगरे पाटिल?

विश्वास नांगरे पाटिल महाराष्ट्र कैडर के एक बेहद सम्मानित और बहादुर IPS अधिकारी माने जाते हैं। 1997 बैच के इस अधिकारी को हाल ही में नागपुर का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है, जहाँ उन्होंने रविंदर सिंगल का स्थान लिया है। पाटिल अपनी बहादुरी और एक लेखक के रूप में भी प्रसिद्ध हैं, उनकी बेस्टसेलर किताब ‘मन में है विश्वास’ पाठकों के बीच लोकप्रिय है।

26/11 के नायक और उनका साहस

विश्वास नांगरे पाटिल की पहचान मुख्य रूप से 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दौरान उनके असाधारण साहस के लिए होती है। उस समय वे दक्षिण मुंबई के डीसीपी थे और ताज होटल में घुसे आतंकवादियों से लोहा लेने वाले शुरुआती अधिकारियों में शामिल थे। उन्होंने अपने साहस का परिचय देते हुए आतंकियों को ‘रॉयल स्टेयरकेस’ पर रोक दिया था, जिससे हमलावर ‘क्रिस्टल हॉल’ में नहीं घुस सके और वहां मौजूद सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान बच गई। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण वे हमेशा से पुलिस बल के लिए प्रेरणा रहे हैं, लेकिन वर्तमान विवाद ने उनके करियर के इस नए अध्याय को एक राजनीतिक मोड़ दे दिया है।

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