Vinesh Phogat News: कांग्रेस विधायक और पहलवान विनेश फोगाट ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर एक बार फिर बीजेपी और एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान बेटियों के साथ पुलिस का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। विनेश ने अपने पुराने धरने का जिक्र करते हुए कहा कि तीन साल पहले उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ था, वैसा ही कुछ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही बेटियों के साथ भी देखने को मिला।
पुलिस कार्रवाई पर विनेश फोगाट का तीखा बयान
विनेश फोगाट ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठी बेटियों के साथ पुलिस का व्यवहार ऐसा था, मानो पुलिसकर्मी किसी राजनीतिक संगठन के गुंडे-बदमाश हों। उन्होंने इस घटना को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी बोलीं विनेश फोगाट
विनेश फोगाट ने अपने बयान में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी जिक्र किया। उन्होंने राजनाथ सिंह के उस कथित बयान का उल्लेख किया, जिसमें सरकार में इस्तीफे नहीं होने की बात कही गई थी। विनेश ने कहा कि कांग्रेस शासन में मुख्यमंत्री स्तर तक के इस्तीफे हुए हैं, जबकि मौजूदा सरकार में भी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ है। उनके मुताबिक, कम से कम इस इस्तीफे के बाद किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद बनी है।
NDA सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर हमला
कांग्रेस विधायक ने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से एनडीए सरकार को कम से कम यह एहसास हुआ है कि देश की जनता अब शिक्षा समेत अपनी बुनियादी समस्याओं पर खुलकर बात करने लगी है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं होगा। विनेश के मुताबिक, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर देश में लगातार चर्चा बढ़ रही है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में युवाओं का जोश दिखा: विनेश फोगाट
विनेश फोगाट ने जंतर-मंतर आंदोलन को युवाओं के बदलते तेवर से भी जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि एक समय देश में ऐसा माहौल बना दिया गया था कि लोग बीजेपी सरकार से डरते हैं और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पर जेल भेजे जाने का खतरा रहता है। लेकिन नई पीढ़ी ने इस धारणा को तोड़ने का काम किया है।
‘दूसरे भगत सिंह’ के बयान से चर्चा में विनेश फोगाट
विनेश फोगाट ने प्रदर्शन में युवाओं के जोश और जुनून की तुलना स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों से की। उन्होंने कहा कि जिस जोश और जुनून के बारे में उन्होंने भगत सिंह की कहानियों में सुना था, उसकी झलक उन्हें इस प्रदर्शन में दिखाई दी। उन्होंने इसे युवाओं की जागरूकता और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की क्षमता से जोड़ते हुए कहा कि नई पीढ़ी अब सवाल पूछने से पीछे नहीं हट रही है।
जंतर-मंतर पर सिर्फ छात्रों का आक्रोश नहीं था
विनेश फोगाट ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं था। उनके मुताबिक, वहां गरीब और पिछड़े वर्गों से जुड़े लोग भी मौजूद थे, जो सरकार की कथित चरमराई व्यवस्था से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन व्यापक असंतोष का संकेत था और सरकार को इसे गंभीरता से समझने की जरूरत है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बीजेपी पर आरोप
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर पूरे मामले को जल्द खत्म करने की कोशिश की। हालांकि, उनके इस दावे पर बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। विनेश का कहना है कि केवल इस्तीफा लेने से छात्रों और युवाओं की समस्याएं खत्म नहीं होंगी, बल्कि उन मुद्दों का समाधान करना होगा जिनके कारण लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए।
‘बीजेपी तानाशाही पर उतारू’, विनेश का बड़ा दावा
विनेश फोगाट ने बीजेपी सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश अब आगे बढ़ चुका है और जनता को केवल राजनीतिक नारों के जरिए प्रभावित नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, लोग अपने अधिकारों, शिक्षा और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक हो चुके हैं।
संविधान बचाने की लड़ाई का भी किया जिक्र
अपने बयान के आखिर में विनेश फोगाट ने संविधान की रक्षा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश के लोग अब संविधान को बचाने के लिए बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। विनेश के बयान के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं।










