Venezuela Crisis: वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के सफल होने और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, अमेरिका ने वहां की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला में अभी तुरंत चुनाव नहीं कराए जाएंगे। अमेरिका का तर्क है कि देश इस समय गहरे संकट और प्रशासनिक अस्थिरता से गुजर रहा है, ऐसे में चुनाव कराना जल्दबाजी होगी। वाशिंगटन का मानना है कि जनता को मतदान का अधिकार देने से पहले देश की आंतरिक व्यवस्था को पटरी पर लाना और बिगड़े हुए हालात को सुधारना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
Venezuela Crisis: डोनाल्ड ट्रंप का बयान: “पहले देश को ठीक करना जरूरी”
अमेरिकी ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किए जाने के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। एनबीसी न्यूज (NBC News) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में अगले 30 दिनों के भीतर चुनाव होने की कोई संभावना नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा, “वेनेजुएला की वर्तमान स्थिति अत्यंत दयनीय है। वहां बुनियादी ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। लोग अभी वोट देने की मानसिक और शारीरिक स्थिति में भी नहीं हैं। हमारा पहला लक्ष्य देश के घावों को भरना और उसे फिर से खड़ा करना है।”
Venezuela Crisis: मादुरो पर नार्को-आतंकवाद और तस्करी के संगीन आरोप
अमेरिकी सेना द्वारा चलाए गए एक गुप्त सैन्य अभियान के तहत निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अमेरिका लाया गया और न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में पेश किया गया। मादुरो पर ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और ‘नार्को-आतंकवाद’ से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग का दावा है कि मादुरो ने अपने पद का दुरुपयोग कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपराधिक सिंडिकेट चलाने में मदद की थी। इन कानूनी कार्यवाहियों ने वेनेजुएला में उनके समर्थकों को कमजोर कर दिया है।
अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार और तेल भंडार पर नजर
राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के पुनर्निर्माण के लिए अपनी आर्थिक योजना का भी खुलासा किया है। वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार मौजूद हैं, लेकिन कुप्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण वहां का तेल उत्पादन ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर पहुंच गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को दोबारा सक्रिय करने के लिए अमेरिकी तेल कंपनियों की मदद लेगा। इस योजना के तहत तेल के राजस्व से ही पुनर्निर्माण का खर्च निकाला जाएगा, जिससे न केवल वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी स्थिरता आएगी।
“यह जनता के खिलाफ युद्ध नहीं”: ट्रंप की सफाई
अमेरिकी हस्तक्षेप पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका, वेनेजुएला के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी कार्रवाई केवल अंतरराष्ट्रीय अपराधियों और ड्रग तस्करों के खिलाफ है। ट्रंप ने वेनेजुएला के भविष्य की कमान अपनी एक विशेष टीम को सौंपी है, जिसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, व्हाइट हाउस अधिकारी स्टीफन मिलर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हैं। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि वेनेजुएला में शांतिपूर्ण संक्रमण की प्रक्रिया पूरी हो सके।
अंतरिम सरकार के लिए सख्त शर्तें और भविष्य की राह
अमेरिका ने वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज के सामने सहयोग के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नई सरकार को सबसे पहले देश में जारी ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा। इसके अलावा, रोड्रिगेज को उन विदेशी तत्वों और समूहों को बाहर निकालना होगा जो अमेरिका के हितों के विरुद्ध काम कर रहे हैं। जब ये बुनियादी शर्तें पूरी हो जाएंगी और देश में शांति बहाल हो जाएगी, तभी वहां स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, वेनेजुएला का भविष्य अमेरिकी निगरानी और स्थानीय सुधारों के बीच लटका हुआ है।
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