Venezuela Crisis 2026: वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि राष्ट्रपति बदला है, बल्कि यह भी है कि क्या इसके पीछे किसी बड़े जियोपॉलिटिकल गेम की शुरुआत हो चुकी है। जिन डेल्सी रोड्रिग्ज पर कभी अमेरिकी प्रतिबंध लगे थे, आज उन्हीं को लेकर डोनाल्ड ट्रंप सकारात्मक बयान दे रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन की रणनीति तेजी से बदल रही है।
Venezuela Crisis 2026: डेल्सी रोड्रिग्ज: सत्ता के केंद्र में उभरती नई नेता
डेल्सी रोड्रिग्ज 2018 से निकोलस मादुरो की उपराष्ट्रपति के तौर पर काम कर रही थीं। हाल ही में वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राष्ट्रपति बनाए जाने का आदेश दिया। मादुरो की करीबी मानी जाने वाली डेल्सी का सत्ता में आना यह दिखाता है कि देश के भीतर सत्ता संरचना पूरी तरह टूटी नहीं है, बल्कि उसी ढांचे के भीतर नया संतुलन बनाया जा रहा है।
Venezuela Crisis 2026: ट्रंप का चौंकाने वाला बयान और अमेरिकी दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला पर नियंत्रण स्थापित कर सकता है, संभव है कि यह काम मादुरो के किसी भरोसेमंद सहयोगी के साथ मिलकर किया जाए। ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर डेल्सी रोड्रिग्ज की ओर इशारा करता है और बताता है कि अमेरिका विकल्पों को खुले तौर पर परख रहा है।
जिन पर लगे थे प्रतिबंध, अब उन्हीं पर भरोसा क्यों?
ट्रंप के पहले कार्यकाल में डेल्सी रोड्रिग्ज पर वेनेजुएला में लोकतंत्र कमजोर करने के आरोपों के चलते अमेरिकी प्रतिबंध लगाए गए थे। अब ट्रंप का यह कहना कि डेल्सी “वेनेजुएला को फिर से महान बनाने” के लिए जरूरी हर कदम उठाने को तैयार हैं, अमेरिकी नीति में व्यावहारिक बदलाव को दर्शाता है, जहां नैतिकता से ज्यादा रणनीतिक फायदे अहम हो गए हैं।
विपक्षी विकल्पों से अमेरिका की दूरी
ट्रंप ने विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना माचाडो को समर्थन देने से इनकार किया। उनका कहना था कि माचाडो के पास देश चलाने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका फिलहाल आदर्श लोकतांत्रिक चेहरे की बजाय उस शक्ति के साथ काम करना चाहता है, जिसके पास वास्तविक नियंत्रण हो।
डेल्सी और वॉशिंगटन के बीच बातचीत का दावा
ट्रंप के अनुसार, डेल्सी रोड्रिग्ज और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच लंबी फोन बातचीत हुई। इस बातचीत में डेल्सी के कथित तौर पर यह कहने का दावा किया गया कि “आपको जो चाहिए, हम करने को तैयार हैं।” ट्रंप ने डेल्सी के शालीन रवैये की तारीफ भी की, जो एक संभावित समझौते का संकेत माना जा रहा है।
तेवर भी, संदेश भी: डेल्सी का दोहरा रुख
दूसरी ओर, डेल्सी रोड्रिग्ज ने सार्वजनिक मंचों से अमेरिका के खिलाफ सख्त बयान दिए। उन्होंने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग की और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। यह रुख घरेलू समर्थन बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
दोस्त, मजबूरी या दुश्मनी?
डेल्सी ने अमेरिका के साथ सहयोग के सवाल को टाल दिया, लेकिन यह भी कहा कि वेनेजुएला के साथ जो हो रहा है, वह अन्याय है। इससे साफ है कि ट्रंप और डेल्सी के रिश्ते न तो पूरी दोस्ती हैं, न खुली दुश्मनी। यह मजबूरियों, दबाव और सौदेबाजी से भरा रिश्ता है, जो आने वाले समय में वेनेजुएला की दिशा तय कर सकता है।










