VB-G RAM G Act protest: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा पेश किए गए “विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (VB-G RAM G)” कानून की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे महात्मा गांधी की दूसरी हत्या करार दिया, जब सरकार ने मनरेगा स्कीम को खत्म करने का कदम उठाया। बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में सिद्धरमैया ने कहा, “महात्मा गांधी को पहली बार नाथूराम गोडसे ने मारा था, लेकिन मनरेगा को खत्म करके केंद्र सरकार ने गांधीजी को दूसरी बार मार दिया है।”
VB-G RAM G Act protest: केंद्र सरकार का तानाशाही रवैया और राज्यों की अनदेखी
सीएम सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि मनरेगा का उद्देश्य गरीब और छोटे किसानों की मदद करना था, लेकिन मोदी सरकार ने बिना राज्यों से सलाह लिए इस कानून को लागू किया, जो एक तानाशाही रवैया दर्शाता है। उनका कहना था कि इस फैसले से सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आजीविका को नष्ट कर रही है और कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने इस फैसले को सीधे तौर पर केंद्र सरकार द्वारा गरीबों और किसानों के खिलाफ उठाया गया कदम बताया।
VB-G RAM G Act protest: कांग्रेस ने मनरेगा को पुनः लागू करने के लिए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की
मनरेगा को फिर से लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने 10 जनवरी से 25 फरवरी तक एक बड़े आंदोलन की घोषणा की है। इस आंदोलन को “मनरेगा बचाओ संग्राम” नाम दिया गया है, जो देशभर में विभिन्न स्तरों पर आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने इसे राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें जिला, पंचायत, वार्ड और राज्य स्तर पर कार्यक्रम होंगे।
VB-G RAM G कानून की जल्दबाजी और राज्य सरकारों की अनदेखी
सिद्धरमैया ने यह भी आरोप लगाया कि VB-G RAM G कानून को संसद में जल्दबाजी में पास किया गया। उन्होंने बताया कि इस बिल को 17 दिसंबर को पेश किया गया और बिना किसी बहस के अगले दिन पारित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के वैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है। अब इस कानून के तहत केंद्र सरकार मजदूरी का 60% हिस्सा देगी, जबकि राज्य सरकार को बाकी 40% देना होगा, जो संविधान के अनुच्छेद 280(3) के खिलाफ है।
मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दिया था मजबूती: सिद्धरमैया
सिद्धरमैया ने बताया कि मनरेगा स्कीम ने ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया और किसानों को रोजगार प्रदान किया। उनके अनुसार, इस योजना के तहत लगभग 12.17 करोड़ मजदूर कार्यरत हैं, जिनमें 6.21 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जो वर्कफोर्स का 53.61% हैं। कर्नाटक में अकेले 71.18 लाख सक्रिय मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें 36.75 लाख महिलाएं हैं। यह योजना न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का एकमात्र स्रोत बनी, बल्कि इसने गरीबी, बेरोजगारी और पलायन को भी कम किया।
खड़गे ने भी मनरेगा पर हमले को संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मनरेगा को खत्म करने के कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे करोड़ों मजदूरों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला करार दिया। खड़गे ने कहा कि VB-G RAM G कानून मनरेगा को खत्म करने के लिए लाया गया है और कांग्रेस इसका शांतिपूर्वक लेकिन मजबूती से विरोध करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा कोई सरकारी दया नहीं, बल्कि एक कानूनी गारंटी है, जिसने ग्रामीण गरीबों को रोजगार, भूख और पलायन को कम करने के साथ महिलाओं की स्थिति को मजबूत किया।
कांग्रेस ने नए कानून में गारंटी की कमी और बजट की सीमितता पर उठाया सवाल
खड़गे का कहना था कि नए कानून में काम की गारंटी खत्म हो जाएगी, जबकि बजट की सीमा तय की जाएगी और पंचायतों की भूमिका को कमजोर कर दिया जाएगा। उनके अनुसार, यह बदलाव ग्रामीण इलाकों में रोज़गार की गारंटी को नष्ट करेगा और स्थानीय सरकारी संस्थाओं के अधिकारों का उल्लंघन करेगा। कांग्रेस पार्टी इसे लेकर आगामी दिनों में और अधिक विरोध प्रदर्शन करने का विचार कर रही है।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा किए गए हमलों से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ गंभीर विरोध में है। पार्टी मनरेगा स्कीम को फिर से लागू करने के लिए देशभर में आंदोलन चला रही है, जिसे “मनरेगा बचाओ संग्राम” के नाम से जाना जाएगा।
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