Manikarnika Ghat News: वाराणसी में भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों की खैर नहीं! मणिकर्णिका घाट विवाद में पुलिस का बड़ा एक्शन

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास पर सोशल मीडिया पर एआई (AI) द्वारा निर्मित फर्जी तस्वीरें फैलाने के आरोप में पुलिस ने 8 FIR दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे कांग्रेस की साजिश बताते हुए कहा कि मंदिर सुरक्षित हैं और विकास कार्यों को रोकने के लिए जनता को गुमराह किया जा रहा है।

वाराणसी में भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों की खैर नहीं!

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 18, 2026

Manikarnika Ghat News:उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग अब कानूनी गलियारों तक पहुंच गई है। घाट के पुनर्विकास के संबंध में कृत्रिम (AI) चित्र और गलत जानकारी प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। शनिवार को पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने पुष्टि की कि धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आठ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

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एआई (AI) तकनीक से भ्रामक सूचना

मणिकर्णिका घाट विवाद में पुलिस का बड़ा एक्शन
मणिकर्णिका घाट विवाद में पुलिस का बड़ा एक्शन

बताते चले कि, पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल द्वारा मणिकर्णिका घाट के कायाकल्प कार्य से संबंधित मनगढ़ंत और एआई-जनरेटेड तस्वीरें साझा की गई थी। इन तस्वीरों का उद्देश्य हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और जनता के बीच सरकार विरोधी आक्रोश पैदा करना था। तमिलनाडु के एक निवासी मनो, जिनकी कंपनी इस घाट पर श्मशान संबंधी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रही है, ने चौक पुलिस स्टेशन में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 जनवरी की रात को तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाली तस्वीरें अपलोड की गईं, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।

सीएम योगी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

इस संवेदनशील मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीधे तौर पर विपक्षी दल कांग्रेस को घेरा है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी एआई (AI) जनरेटेड वीडियो के माध्यम से मंदिर तोड़े जाने का झूठा दुष्प्रचार फैला रही है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि मणिकर्णिका घाट पर स्थित सभी मंदिर सुरक्षित हैं और वहां वैसे ही मौजूद हैं जैसे पहले थे। मुख्यमंत्री ने इस कृत्य को भारत की सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है और जनता से गुमराह न होने की अपील की है।

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कांग्रेस का पलटवार

दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक विवादित वीडियो पोस्ट कर सरकार की परियोजना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर मणिकर्णिका घाट के मूल स्वरूप और भारत की प्राचीन पहचान को मिटाया जा रहा है। पार्टी ने इस परियोजना की तुलना अमृतसर के जलियांवाला बाग सौंदर्यीकरण से करते हुए इसे ‘सत्ता का अहंकार’ बताया है। कांग्रेस के अनुसार, व्यावसायीकरण की इस होड़ में हमारी संस्कृति और विरासत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो जलियांवाला बाग में भी देखा गया था।

अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

डीसीपी गौरव बंसल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, भ्रामक पोस्ट साझा करने और इन्हें रीपोस्ट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब उन सभी ‘X’ हैंडल की पहचान कर रही है जिन्होंने इस तनाव को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। बंसल ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है और पुलिस डिजिटल फोरेंसिक की मदद से साजिशकर्ताओं तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि विकास कार्यों के नाम पर भ्रामक सूचना फैलाकर सामाजिक सद्भाव को भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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