भोपाल में गूंजेगा वंदे मातरम्, 40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों के साथ 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

 भोपाल राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के मौके पर भोपाल में भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से 1 सितंबर को डीबी सिटी मॉल में ऐसा सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम शाम 4 बजे से शुरू होगा। आयोजन में संगीत, सामूहिक गायन और शास्त्रीय कथक नृत्य के जरिए ‘वंदे मातरम्’ को केंद्र में रखते हुए भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना को विश्व मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। 40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों से ‘वंदे मातरम्’ पहले रिकॉर्ड प्रयास के तहत इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी 40

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Published On :

अगस्त 31, 2026

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 भोपाल

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के मौके पर भोपाल में भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से 1 सितंबर को डीबी सिटी मॉल में ऐसा सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम शाम 4 बजे से शुरू होगा। आयोजन में संगीत, सामूहिक गायन और शास्त्रीय कथक नृत्य के जरिए ‘वंदे मातरम्’ को केंद्र में रखते हुए भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना को विश्व मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों से ‘वंदे मातरम्’
पहले रिकॉर्ड प्रयास के तहत इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी 40 से अधिक अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए ‘वंदे मातरम्’ की विशेष संगीतमय प्रस्तुति देंगे। एक ही प्रस्तुति में इतने वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा।

200 से ज्यादा विद्यार्थी एक साथ गाएंगे राष्ट्रीय गीत
दूसरे रिकॉर्ड प्रयास में विविधा अकादमी के 200 से अधिक विद्यार्थी एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इसके जरिए बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय गीत, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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150 से ज्यादा छात्राएं करेंगी कथक
तीसरे रिकॉर्ड प्रयास में 150 से अधिक छात्राएं ‘वंदे मातरम्’ पर सामूहिक कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगी। खास बात यह होगी कि कथक की प्रस्तुति लाइव म्यूजिक के साथ होगी। शास्त्रीय नृत्य, संगीत और देशभक्ति को एक मंच पर पिरोकर प्रस्तुति तैयार की गई है।

रिकॉर्ड से ज्यादा संस्कृति और राष्ट्रभावना पर जोर
आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम का मकसद केवल विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र हासिल करना नहीं है। इसके जरिए ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव की भावना मजबूत करने तथा भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।

कार्यक्रम की प्रोफेशनल वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफी और रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इससे पूरे प्रयास को प्रमाणिक रूप से दर्ज कर डिजिटल और मीडिया माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।