Vaishali Boat Accident : वैशाली में गंगा नदी में नाव पलटी, 13 लोगों की मौत से बिहार में शोक, प्रधानमंत्री ने घोषित की सहायता

बिहार के वैशाली में गंगा नदी में नाव पलटने से हड़कंप मच गया। भोज से लौट रहे करीब 15 से 20 लोग नाव पर सवार बताए गए। हादसे के बाद राहत-बचाव अभियान शुरू हुआ। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दुख जताया। मृतकों की वास्तविक संख्या और दुर्घटना की वजह की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

Vaishali Boat Accident

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 14, 2026

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Vaishali Boat Accident : बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नाव पर कई लोग सवार थे और दुर्घटना के बाद कुछ लोग नदी में डूब गए। घटना में बच्चों समेत कई लोगों की मौत की खबर सामने आई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर सक्रिय हो गए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया शोक

वैशाली नाव दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दर्दनाक हादसे ने प्रभावित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद नदी में नाव से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा, नावों की क्षमता और जरूरी इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषित की सहायता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद में जुटा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के निकटतम परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी नाव दुर्घटना पर दुख जताया। उन्होंने इसे हृदयविदारक घटना बताते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को सहायता पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी प्राथमिकता बन गया है।

भोज से लौटते समय हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग गंगा नदी के पार आयोजित भोज में शामिल होने गए थे। वापस लौटते समय रामपुर श्यामचंद गांव के पास उनकी नाव पलट गई। बताया गया कि नाव में करीब 15 से 20 लोग सवार थे। नाव का संतुलन बिगड़ने के बाद यात्री नदी में गिर गए। कुछ लोग तैरकर किनारे पहुंच गए, जबकि अन्य के गहरे पानी में फंसने की आशंका जताई गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी मदद की कोशिश की।

तेजस्वी यादव ने बचाव अभियान तेज करने की मांग की

राष्ट्रीय जनता दल के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने वैशाली के जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव से बातचीत कर राहत एवं बचाव अभियान तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को अभियान में लगाने की मांग भी की। शुरुआती सूचनाओं के अनुसार, कुछ शव बरामद किए जाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई थी।

मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी

दुर्घटना के बाद मृतकों और लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग खबरें सामने आईं। हालांकि, हताहतों की अंतिम संख्या और लापता लोगों की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी घटना पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

हादसे की वजह की जांच जरूरी

वैशाली नाव हादसे के बाद नाव की क्षमता, यात्रियों की संख्या, सुरक्षा उपकरणों और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच अहम होगी। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, घायलों का इलाज और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाना है। प्रशासन की आधिकारिक जानकारी से ही दुर्घटना में जान गंवाने वालों की वास्तविक संख्या और हादसे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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