Vaibhav Suryavanshi News: श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में चमके वैभव, वनडे इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का बनाया रिकॉर्ड

भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ महज 11 गेंदों में वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक (Fastest Fifty) जड़कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। अपनी आतिशी पारी में 29 गेंदों पर 94 रन बनाने वाले वैभव इस साल तीसरी बार नर्वस नाइंटी का शिकार हुए हैं।

Vaibhav Suryavanshi News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 21, 2026

Vaibhav Suryavanshi News: भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया है। ट्राई सीरीज के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ‘A’ के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए वैभव ने विपक्षी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। उन्होंने मैदान के हर कोने में चौके-छक्कों की बरसात करते हुए वनडे इंटरनेशनल (क्रिकेट इतिहास) की सबसे तेज फिफ्टी (Fastest Fifty in ODI History) अपने नाम कर ली है। इस ताबड़तोड़ पारी के साथ ही उन्होंने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि विश्व क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है।

महज 11 गेंदों में पूरा किया अर्धशतक

बताते चले कि, इस खिताबी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने क्रीज पर कदम रखते ही बेहद आक्रामक और विनाशकारी रुख अख्तियार किया। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों को संभलने का जरा सा भी मौका नहीं दिया और मात्र 11 गेंदों के भीतर अपना पचासा (Fastest 50) ठोक दिया। दिलचस्प बात यह रही कि इस अर्धशतकीय पारी के दौरान उन्होंने सिर्फ बाउंड्रीज के जरिए ही 50 रन बटोरे, जिसमें 5 गगनचुंबी छक्के और 5 शानदार चौके शामिल थे। अपनी पहली 11 गेंदों में उन्होंने केवल एक गेंद डॉट खेली। इस बेमिसाल पारी के दम पर वैभव ने लिस्ट ‘A’ क्रिकेट में इससे पहले बने 12 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक के वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी हमेशा के लिए पीछे छोड़ दिया।

चौथे ओवर में ही टीम इंडिया का स्कोर पहुंचा 76 रन पार

सलामी बल्लेबाज वैभव की इस तूफानी बल्लेबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम इंडिया ने पारी के महज चौथे ओवर में ही 70 रन का आंकड़ा पार कर लिया था। चौथे ओवर की समाप्ति तक भारतीय टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 76 रन तक पहुंच चुका था, जिसमें से अकेले वैभव ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। उनके जोड़ीदार के साथ मिलकर की गई इस विस्फोटक शुरुआत ने श्रीलंका ‘A’ के पूरे खेमे में खलबली मचा दी और मैच के शुरुआती 25 मिनट के भीतर ही खिताबी मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़कर रख दिया।

टी20 स्क्वाड में चयन के बाद आलोचकों को दिया करारा जवाब

इस त्रिकोणीय श्रृंखला में शुरुआत से ही सभी खेल प्रेमियों और चयनकर्ताओं की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हुई थीं, क्योंकि उन्हें आगामी इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 इंटरनेशनल स्क्वाड में शामिल किया गया है। हालांकि, फाइनल से पहले खेले गए शुरुआती चार मैचों में उनका बल्ला कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाया था और उन्होंने 14, 44, 21, और 38 रन की साधारण पारियां खेली थीं। चार मैचों में महज 117 रन बनाने के बाद उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठने लगे थे, लेकिन फाइनल जैसे बड़े मंच पर इस धुआंधार और ऐतिहासिक पारी के जरिए उन्होंने अपने तमाम आलोचकों का मुंह पूरी तरह से बंद कर दिया है।

94 रनों के स्कोर पर हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी का यह रौद्र रूप मैच के 9वें ओवर तक जारी रहा। जब वह आउट होकर पवेलियन लौटे, तब तक वह श्रीलंका ‘A’ के गेंदबाजी लाइनअप को पूरी तरह मानसिक रूप से तोड़ चुके थे। वैभव के आउट होने के समय भारतीय टीम मात्र 8.5 ओवरों के खेल में ही 132 रनों का विशाल और विशालकाय स्कोर खड़ा कर चुकी थी। इस पारी ने आगामी बल्लेबाजों के लिए एक ऐसा मजबूत मंच तैयार कर दिया, जहां से टीम इंडिया एक बेहद विशाल और अजेय स्कोर की तरफ आसानी से अग्रसर हो सके।

आईपीएल 2026 के बाद तीसरी बार ‘नर्वस नाइंटी’ का शिकार

वैभव ने अपनी इस जादुई और आतिशी पारी में कुल 29 गेंदों का सामना किया और 324 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से कुल 94 रन बनाए। हालांकि, वह अपने इस ऐतिहासिक शतक को पूरा करने से महज 6 रन दूर रह गए। इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पिछली 7 पारियों में यह तीसरी बार है जब वैभव सूर्यवंशी ‘नर्वस नाइंटी’ का शिकार हुए हैं। इससे पहले हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल 2026 में भी वह गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट होकर अपने शतकों से चूके थे, लेकिन उनकी इस पारी ने क्रिकेट जगत को उनका मुरीद बना दिया है।