
Uttarakhand News: उत्तराखंड में बिजली उत्पादन बढ़ाने और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। देहरादून जिले में प्रस्तावित 72 मेगावाट क्षमता वाले त्यूनी-प्लासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से फाइनल फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल गई है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के बाद लंबे समय से प्रस्तावित परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना से राज्य में बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी और स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प को मजबूती मिलेगी।
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टोंस नदी पर बनेगा 72 मेगावाट का हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट
त्यूनी-प्लासू जलविद्युत परियोजना देहरादून जिले की त्यूनी तहसील में टोंस नदी पर विकसित की जा रही है। इस परियोजना के निर्माण और विकास की जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी यूजेवीएन लिमिटेड (UJVN Limited) को सौंपी गई है। परियोजना की स्थापित क्षमता 72 मेगावाट होगी। इसके माध्यम से नदी के जल संसाधनों का इस्तेमाल करके बिजली तैयार की जाएगी। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में जलविद्युत उत्पादन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इस परियोजना को ऊर्जा क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हर साल 29.85 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान

इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनुमानित बिजली उत्पादन क्षमता है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के पूरा होने के बाद हर साल करीब 298.5 मिलियन यूनिट यानी 29.85 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। इससे राज्य की बिजली उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही दूसरे राज्यों और ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी यह परियोजना उपयोगी साबित हो सकती है। जलविद्युत ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है, इसलिए इस परियोजना से पर्यावरण के अनुकूल बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सीएम धामी ने मंजूरी को बताया अहम उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्यूनी-प्लासू परियोजना को फाइनल फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने इस मंजूरी को उत्तराखंड को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड में जलविद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार इन संभावनाओं का उपयोग करते हुए राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
पर्यावरण संतुलन के साथ विकसित होंगी जलविद्युत परियोजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित जरूरी मंजूरियां और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हों। इससे राज्य के जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का विकास करना सरकार की प्राथमिकता है।
निर्माण में आएगी तेजी, ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि फाइनल फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने से परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण गतिविधियों को गति दी जा सकेगी। परियोजना के पूरा होने पर उत्तराखंड को अतिरिक्त स्वच्छ बिजली मिलेगी। इससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय विकास और रोजगार की संभावनाएं भी अहम

त्यूनी-प्लासू परियोजना के निर्माण से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। निर्माण के दौरान विभिन्न कार्यों में रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। हालांकि, परियोजना से मिलने वाले वास्तविक लाभ निर्माण की प्रगति और संचालन शुरू होने के बाद स्पष्ट होंगे। फिलहाल फाइनल फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने से उत्तराखंड की इस महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है।











