Uttarakhand SIR: 2027 चुनाव से पहले लक्सर का नया वोटर गणित, SIR के बाद सामने आए बड़े बदलाव

लक्सर विधानसभा सीट पर SIR के बाद मतदाता सूची की तस्वीर काफी बदल गई है। विधानसभा चुनाव के मुकाबले 11,676 मतदाता कम हुए हैं। अब सवाल है कि मतदाताओं की इस बड़ी कमी का 2027 विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ेगा? किन इलाकों में सबसे ज्यादा बदलाव हुआ और इसके पीछे क्या वजह रही?

2027 चुनाव से पहले लक्सर का नया वोटर गणित

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 5, 2026

Uttarakhand SIR: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले तैयारियां तेज हो गई हैं। SIR प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद विधानसभा क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच हरिद्वार के लक्सर विधानसभा सीट में वोटर्स की संख्या को लेकर चर्चा देखने को मिली। यहां SIR के बाद वोटर्स की संख्या में कमी दर्ज की गई है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव की अपेक्षा लक्सर सीट पर 11, 676 वोटर्स की कमी दर्ज की गई है। साथ ही साल 2024 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले यह कमी 12,736 मतदाताओं की है।

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लक्सर में कितने मतदाता?

साल 2024 की बात करें तो लोकसभा चुनाव के दौरान लक्सर विधानसभा चुनाव में 1,03,680 वोटर्स थे। वहीं SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये संख्या घटकर 90,944 बचीं। इसी तरह 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 1,02,620 मतदाता थे। इस तरह विधानसभा चुनाव के आंकड़ों से तुलना करें तो मतदाता सूची में 11,676 की कमी हुई है। लोकसभा चुनाव 2024 के आंकड़ों के मुकाबले भी 12,736 मतदाता कम हो गए हैं। मतदाता संख्या में यह बदलाव आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्री-SIR मैपिंग में भी हुआ था बदलाव

प्री-SIR मैपिंग में भी हुआ था बदलाव
प्री-SIR मैपिंग में भी हुआ था बदलाव

SIR की पूरी प्रक्रिया से पहले मैपिंग के स्तर पर भी मतदाता सूची में बदलाव दर्ज किया गया था। प्री-SIR प्रक्रिया के दौरान लक्सर विधानसभा क्षेत्र में 2,679 मतदाता कम हुए थे। हालांकि, इस संख्या को SIR के दौरान हटाए गए नामों की अंतिम संख्या नहीं माना जा रहा है, क्योंकि प्रक्रिया में नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदाता विवरण में संशोधन जैसे बदलाव भी शामिल रहे। SIR के दौरान लक्सर क्षेत्र में कुल 3,840 आपत्तियां स्वीकार की गईं। इसके बाद मतदाता सूची में आवश्यक सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।

37 हजार से ज्यादा गणना प्रपत्रों में मिली गड़बड़ी

SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता विवरण की जांच में बड़ी संख्या में विसंगतियां भी सामने आईं। मैपिंग और गणना प्रपत्रों के वितरण व संकलन के दौरान 37,726 गणना प्रपत्रों में नाम, फोटो, पता और अन्य विवरणों से जुड़ी गड़बड़ियां पाई गईं।

इनमें 8,144 ऐसे मतदाता बताए गए जो 2003 की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नहीं थे। वहीं 8,586 मतदाता ऐसे मिले जिनकी मृत्यु, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से बीएलओ को उनके पते पर संपर्क नहीं हो सका। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में नाम परिवर्तन, मृत मतदाता और एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसे मामले भी सामने आए।

2027 चुनाव पर पड़ सकता है असर

2027 चुनाव पर पड़ सकता है असर
2027 चुनाव पर पड़ सकता है असर

लक्सर विधानसभा सीट पर मतदाता संख्या में हुआ यह बदलाव आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत और दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी के बीच 10,440 वोटों का अंतर था। ऐसे में मतदाता सूची में हुआ बदलाव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। खासकर उन बूथों और गांवों में जहां मतदाता संख्या में ज्यादा परिवर्तन हुआ है, वहां राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों को नए आंकड़ों के आधार पर अपनी रणनीति तैयार करनी पड़ सकती है।

लक्सर में 132 पोलिंग स्टेशन

SIR के बाद लक्सर विधानसभा क्षेत्र में कुल 90,944 मतदाता दर्ज हैं। क्षेत्र में 132 पोलिंग स्टेशन हैं। मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर बूथ स्तर पर हुए परिवर्तन और नए मतदाता आंकड़ों पर रहेगी। आगामी चुनाव में इन बदलावों का वास्तविक असर मतदान के दौरान कितना दिखाई देगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल SIR के बाद लक्सर सीट का बदला मतदाता आंकड़ा राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों के लिए अहम विषय बन गया है।

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