Uttarakhand News: उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए उनका राजनीतिक सफर

उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन अब लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की जगह लेंगे। चार बार विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके बिसेन का राजनीतिक सफर चर्चा में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई दी।

उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 13, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

Uttarakhand News: उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, डॉ. बिसेन जल्द ही अपना पदभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उनके अनुभव तथा नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

Uttarakhand News: INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर धामी का हमला, राहुल गांधी और कांग्रेस की हार पर कसा तंज

आयुर्वेद और होम्योपैथी से जुड़ा रहा सफर

डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। वह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति में आने से पहले उनका पेशेवर जुड़ाव आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा से रहा। चिकित्सा क्षेत्र से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उनका राजनीतिक सफर विधानसभा से लेकर लोकसभा तक पहुंचा।

1990 में पहली बार बने विधायक, लगातार मिली चुनावी सफलता

डॉ. बिसेन ने वर्ष 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीता। इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में भी विधायक निर्वाचित हुए। लगातार चुनावी जीत के साथ राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव बढ़ा। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव में विधानसभा की भूमिका के साथ-साथ राज्य सरकार और विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों में जिम्मेदारियां निभाना भी शामिल रहा।

मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में किया काम

मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में किया काम
मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में किया काम

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने वर्ष 2003 से 2005 तक मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया। इसके बाद वर्ष 2011 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इन पदों पर रहते हुए उन्हें शासन-प्रशासन और वित्तीय मामलों से जुड़े कामों का अनुभव मिला। राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद उनके इसी प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

बालाघाट से सांसद बने, 2024 में पार्टी ने बदला उम्मीदवार

डॉ. बिसेन ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की बालाघाट सीट से जीत दर्ज की थी। इस तरह उनका राजनीतिक अनुभव राज्य की राजनीति से आगे बढ़कर संसद तक पहुंचा। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारा। अब उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राज्यपाल का पद संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है और इसमें राज्य के प्रशासनिक तथा विधायी कामकाज के दौरान संविधान के अनुरूप भूमिका निभाना शामिल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल नियुक्त होने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण और सार्वजनिक जीवन में योगदान की सराहना की। धामी ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिलेगी और राज्य की विकास यात्रा को गति प्राप्त होगी।

गुरमीत सिंह के बाद संभालेंगे राज्यपाल का पद

डॉ. बिसेन से पहले लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सितंबर 2021 से उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब नए राज्यपाल के रूप में डॉ. बिसेन के सामने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी होगी। उनकी नियुक्ति के बाद उनके पदभार ग्रहण करने और आगे की आधिकारिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।

Uttarakhand News: उत्तराखंड की सड़कों को मिलेगी रफ्तार? धामी ने शिवराज चौहान के सामने उठाया