
Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त और मान्यता के लिए आवेदन करने वाले मदरसों की साप्ताहिक छुट्टी व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत इन मदरसों में भी अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित साप्ताहिक अवकाश लागू होगा। इसके बाद शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी रखने की पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के नियमों का पालन करना होगा

बताते चलें कि, राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अनुसार, शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने वाले या मान्यता के लिए आवेदन करने वाले मदरसों को निर्धारित शैक्षिक मानकों और विभागीय नियमों का पालन करना होगा। इसी क्रम में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश रखने की व्यवस्था पर बदलाव किया जा रहा है। प्राधिकरण ने इस विषय में शिक्षा महानिदेशक को भी पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा है। इसका उद्देश्य मदरसों की शैक्षिक गतिविधियों को सामान्य विद्यालयों की व्यवस्था के अनुरूप संचालित करना है।
मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर जोर
प्राधिकरण का कहना है कि मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के जरिए विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। अब इन संस्थानों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ सामान्य विद्यालयी शिक्षा भी दी जा रही है। इसके तहत बच्चों को ऐसी शैक्षिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास है, जिससे वे आगे की पढ़ाई और दूसरे शैक्षिक अवसरों का लाभ उठा सकें। साप्ताहिक अवकाश में बदलाव भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
प्रदेश के 76 मदरसों को मिल चुकी है मान्यता

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में अब तक 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है। इनमें हरिद्वार जिले के 270 मदरसों में से 44, ऊधमसिंह नगर के 119 में से 24, देहरादून के 41 में से छह और नैनीताल के 18 में से दो मदरसे शामिल हैं। इसके अलावा 114 अन्य मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के लिए आवेदन किया है। इन संस्थानों में निर्धारित शैक्षिक मानकों को लागू करने की प्रक्रिया जारी है।
30 हजार से अधिक विद्यार्थी मुख्यधारा से जुड़े
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक, प्रदेश के 206 मदरसों में पढ़ने वाले 30 हजार से अधिक बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ चुके हैं। इन संस्थानों में धार्मिक शिक्षा के साथ सामान्य विद्यालयी पाठ्यक्रम से संबंधित गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षिक अवसर मिलेंगे और उनकी पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मान्यता के बाद भी शुक्रवार की छुट्टी पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, पहले मदरसों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश रखा जाता था। हालांकि, शिक्षा विभाग और प्राधिकरण से मान्यता लेने के बाद भी कुछ मदरसों में पुरानी व्यवस्था जारी रहने की बात सामने आई। इसके बाद इस व्यवस्था में बदलाव के लिए शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजा गया। अब संबंधित मदरसों में अन्य विद्यालयों की तरह साप्ताहिक अवकाश व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नई व्यवस्था लागू होने की सटीक तारीख का उल्लेख नहीं है।











