अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आव्रजन (Immigration) के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा फेरबदल करते हुए, संयुक्त राज्य अमेरिका ने दुनिया के 75 देशों के नागरिकों के लिए सभी प्रकार की वीजा सेवाओं को निलंबित करने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) के इस चौंकाने वाले फैसले का असर रूस और ब्राजील जैसे बड़े देशों समेत कुल 75 मुल्कों पर पड़ेगा। यह आदेश 21 जनवरी से प्रभावी होने जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर यात्रा और व्यापारिक संबंधों में भारी उथल-पुथल की आशंका जताई जा रही है।
आवेदकों की कड़ी जांच और सुरक्षा समीक्षा
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा जारी एक आधिकारिक मेमोरेंडम के अनुसार, यह सख्त कदम “आवेदकों की कड़ी जांच” (Vetting) की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए वीजा जारी करने की पुरानी प्रणालियों की समीक्षा करना अनिवार्य है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मौजूदा कानून के आधार पर इन देशों के नागरिकों को वीजा देने से मना करें और आवेदकों की स्क्रीनिंग, मूल्यांकन और पृष्ठभूमि की जांच के तरीकों को फिर से नए सिरे से तैयार करें।
रूस और ब्राजील जैसे प्रमुख देश भी सूची में शामिल
इस फैसले की सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिका ने केवल छोटे या संघर्षग्रस्त देशों को ही नहीं, बल्कि वैश्विक शक्तियों को भी इस सूची में शामिल किया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाबंदी का सामना करने वाले 75 देशों की लिस्ट में रूस और ब्राजील जैसे प्रमुख देशों के नाम भी शामिल हैं। इन देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक और राजनीतिक संबंध काफी महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन नई सुरक्षा नीति के तहत अब इनके नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा प्राप्त करना फिलहाल नामुमकिन हो जाएगा।
खाड़ी और एशियाई देशों पर भी गिरी गाज
सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमेरिका ने अपनी इस प्रतिबंधित सूची में थाईलैंड, सोमालिया, ईरान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, इराक, मिस्र और यमन जैसे देशों को भी रखा है। इन देशों के नागरिकों को अब किसी भी श्रेणी का अमेरिकी वीजा नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का तर्क है कि इन क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों के मूल्यांकन के लिए अधिक उन्नत और गहन जांच प्रक्रियाओं की आवश्यकता है। जब तक स्क्रीनिंग के नए मानक स्थापित नहीं हो जाते, तब तक इन देशों के लिए वीजा खिड़कियां बंद रहेंगी।
21 जनवरी से लागू होंगे नए सख्त नियम
यह नया आदेश 21 जनवरी से पूरे विश्व में अमेरिकी दूतावासों में लागू कर दिया जाएगा। मेमोरेंडम में इस बात पर जोर दिया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए आव्रजन नियमों में यह कठोर बदलाव जरूरी है। इस तिथि के बाद, प्रभावित 75 देशों के नागरिक न तो नए वीजा के लिए आवेदन कर पाएंगे और न ही उनकी लंबित फाइलें आगे बढ़ेंगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह रोक कितने समय तक प्रभावी रहेगी।
वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है व्यापक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस कदम से पर्यटन, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हजारों छात्र, पेशेवर और पर्यटक जो अमेरिका जाने की योजना बना रहे थे, उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। साथ ही, रूस और ब्राजील जैसे देशों की प्रतिक्रिया भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रभावित देश भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिकों के लिए अपने दरवाजे बंद करते हैं या कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकाला जाता है।
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