Marco Rubio India Visit : अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के नवनियुक्त विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपने तय कार्यक्रम के अनुसार भारत के बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौरे पर पहुंच चुके हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री का विशेष विमान पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सफलतापूर्वक लैंड हो चुका है। भारत भूमि पर कदम रखने के बाद रूबियो का भव्य स्वागत किया गया। कूटनीतिक रणनीकारों के अनुसार, रूबियो की यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और सैन्य संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाली है।
चौदह वर्षों का लंबा सूखा खत्म
मार्को रूबियो का भारत दौरे की शुरुआत के लिए देश की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता को चुनना बेहद ऐतिहासिक और रणनीतिक मोड़ माना जा रहा है। कूटनीतिक गलियारों में इस बात की बेहद चर्चा है क्योंकि पिछले 14 सालों के लंबे अंतराल में यह पहली बार है जब अमेरिका के किसी मौजूदा विदेश मंत्री ने कोलकाता शहर का रुख किया है। इससे पहले, मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का आधिकारिक दौरा किया था। हिलेरी क्लिंटन के बाद रूबियो ऐसे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री बन गए हैं जो इस शहर में पहुंचे हैं, जिससे इस क्षेत्र का भू-राजनीतिक महत्व एक बार फिर रेखांकित हुआ है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ‘X’ पर दी जानकारी
भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस ऐतिहासिक आगमन की आधिकारिक पुष्टि करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष पोस्ट साझा की। उन्होंने बेहद उत्साह के साथ लिखा, “अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता की ऐतिहासिक धरती पर पहुंच चुके हैं। बतौर विदेश मंत्री यह उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। कोलकाता के कार्यक्रमों के बाद आज ही हम देश की राजधानी नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक विशेष मुलाकात करेंगे।” राजदूत गोर ने आगे बताया कि आने वाले चार दिनों के भीतर दोनों महाशक्तियों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, उन्नत तकनीक (क्रिटिकल टेक्नोलॉजी), रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत सुरक्षा और क्वाड (QUAD) जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर व्यापक और गहन चर्चा की जाएगी।
चार दिवसीय दौरे में क्वाड बैठक और पीएम नरेंद्र मोदी संग विशेष मुलाकात
मार्को रूबियो की यह भारत यात्रा पूरे चार दिनों की होने वाली है, जो वैश्विक मंच पर भारत-अमेरिका संबंधों के गहरे असर को दिखाने के लिए काफी है। रूबियो का यह दौरा एक ऐसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण समय में हो रहा है, जब क्वाड (Quad) गठबंधन के चारों सदस्य देशों— भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में आपसी समन्वय, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक स्थिरता को मजबूत करने के साझा मकसद से एक बड़ी वार्ता के लिए इकट्ठा हो रहे हैं। इस यात्रा के दौरान रूबियो नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच भविष्य की रणनीतियों का खाका तैयार किया जाएगा।
मदर हाउस का करेंगे दौरा
अपने तय कार्यक्रमों के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो मध्य कोलकाता में स्थित सेंट टेरेसा की विश्वप्रसिद्ध संस्था ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के वैश्विक मुख्यालय यानी ‘मदर हाउस’ का दौरा भी करेंगे, जहां वे मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मार्को रूबियो का यह पूरा भारत दौरा 23 मई से शुरू होकर 26 मई तक अनवरत चलेगा। इस चार दिवसीय कूटनीतिक यात्रा के दौरान वह कोलकाता के अलावा देश के तीन और प्रमुख तथा रणनीतिक शहरों— आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का भी रुख करेंगे। वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उनके इस बहुआयामी दौरे को बेहद निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा (क्लीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी) क्षेत्र में कुछ बेहद बड़े और दूरगामी समझौतों पर मुहर लगना तय माना जा रहा है।










