US Israel Iran Strike: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बावजूद मध्य पूर्व में युद्ध की ज्वाला शांत होने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिकी और इजरायली सेना ने तेहरान और उसके सैन्य ठिकानों पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। रविवार को एक बड़े सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्य मुख्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस भीषण बमबारी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा बयान जारी कर ईरान की सैन्य शक्ति के पतन का दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसके सभी रणनीतिक उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते।
‘ईरानी मिलिट्री कमांड खत्म, सरेंडर करना चाहते हैं अधिकारी’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान की पूरी मिलिट्री कमांड अब लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के कई उच्च सैन्य अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण (Surrender) करने की फिराक में हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका का कॉम्बैट ऑपरेशन पूरी आक्रामकता के साथ जारी है। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “मैं IRGC और पूरी ईरानी सेना से कहना चाहता हूं कि या तो हथियार डाल दें या अपनी मौत का सामना करने के लिए तैयार रहें।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में और भी अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है, लेकिन अमेरिका अपने हर नागरिक की मौत का हिसाब चुकता करेगा।
ईरानी जनता से अपील: ‘बहादुर बनें और अपना देश वापस लें’
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान की आम जनता और वहां के ‘देशभक्तों’ को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो ईरानी नागरिक दमनकारी शासन से आजादी चाहते हैं, उनके लिए यह अपनी किस्मत बदलने का सही पल है। ट्रंप ने कहा, “ईरानी लोग हिम्मत दिखाएं और अपने देश को वापस लें, अमेरिका इस संघर्ष में आपके साथ खड़ा है।” राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि अमेरिका मदद के लिए मौजूद रहेगा, लेकिन बदलाव की पहल ईरानियों को खुद करनी होगी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैकड़ों ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और नेवल बिल्डिंग्स को चंद मिनटों में मलबे में तब्दील कर दिया है।
खामेनेई के अंत पर ट्रंप का तीखा प्रहार
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए ट्रंप ने उन्हें एक ‘घटिया इंसान’ करार दिया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि खामेनेई के हाथ हजारों निर्दोष अमेरिकियों और दुनिया भर के अनगिनत बेगुनाह लोगों के खून से रंगे थे। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत के साथ ही आतंक के एक युग का अंत हुआ है। ट्रंप के इस बयान का समर्थन करते हुए इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने भी दावा किया है कि ईरान के नेतृत्व वाले ‘आतंकी गठबंधन’ के लगभग सभी शीर्ष नेताओं को मार गिराया गया है और अब दुश्मन का कमांड स्ट्रक्चर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
तबाही का मंजर: नौ युद्धपोत और सैन्य सुविधाएं नष्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऑपरेशन की सफलता के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि कुछ ही मिनटों की कार्रवाई में ईरान के नौ बड़े युद्धपोत और उनकी नौसैनिक इमारतों को नष्ट कर दिया गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड की प्रमुख सुविधाओं को निशाना बनाकर अमेरिका ने ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता को शून्य कर दिया है। ट्रंप का यह रुख साफ करता है कि अमेरिका अब मध्य पूर्व में सत्ता परिवर्तन और ईरान के सैन्य ढांचे के पूर्ण विनाश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वैश्विक कूटनीति के जानकारों का मानना है कि खामेनेई के बाद ईरान में नेतृत्व का बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जिसका फायदा अमेरिका उठाना चाहता है।
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