अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, ट्रंप के बयान पर तेहरान का पलटवार

वॉशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में जंग जारी है। समझौता होने के बाद भी अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए हैं, जिसका तेहरान भी जवाब दे रहा है। हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा कि ईरान ने अमेरिका से हमले न करने के लिए कहा है। इस दावे को ईरान की मीडिया ने खारिज कर दिया है और कहा है कि वह हर हालात के लिए तैयार है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने रविवार को डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को गलत बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने अमेरिका से नए हमले न

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Published On :

अगस्त 3, 2026

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वॉशिंगटन
अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में जंग जारी है। समझौता होने के बाद भी अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए हैं, जिसका तेहरान भी जवाब दे रहा है। हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा कि ईरान ने अमेरिका से हमले न करने के लिए कहा है। इस दावे को ईरान की मीडिया ने खारिज कर दिया है और कहा है कि वह हर हालात के लिए तैयार है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने रविवार को डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को गलत बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने अमेरिका से नए हमले न करने को कहा था। ईरान के पलटवार से साफ है कि वह अमेरिका के सामने हमले न करने के लिए गिड़गिड़ाया नहीं था।

सैन्य अधिकारियों का हवाला देते हुए, ईरानी एजेंसी ने कहा कि यह आरोप एक नया झूठ है और ईरानी सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी हालात के लिए तैयार है। शनिवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ जाने के लिए तैयार है, लेकिन तेहरान और दूसरे मिडिल ईस्ट देशों ने उनसे नए हमले रोकने को कहा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह फैसला ईरान के साथ डील होने पर ही लिया है। ट्रंप ने एक ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, "इसमें होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत पूरी तरह से खोलना और ईरान के न्यूक्लियर खतरे को खत्म करना शामिल होगा।" रविवार को, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी बातचीत करने वालों के एक करीबी सोर्स का हवाला देते हुए कहा, "जब तक अमेरिका अपनी दुश्मनी भरी हरकतें जारी रखेगा, होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा।'' ईरान ने जंग शुरू होने के बाद से ही होर्मुज को ब्लॉक कर रखा है, जिससे जहाजों को पानी का रास्ता इस्तेमाल करने से पहले इजाजत लेनी पड़ती है और ट्रांजिट फीस देनी पड़ती है।

सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करेगा ईरान
ईरान ने यह भी कहा कि वह अमेरिका की धमकियों, कथित अवैध सैन्य हमलों और समुद्री दबाव का डटकर मुकाबला करता रहेगा तथा आत्मरक्षा के लिए सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में आरोप लगाया कि अमेरिका ने 18 जून को युद्ध समाप्त करने संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उल्लंघन करते हुए ईरानी बंदरगाहों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी रखे हैं, नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है, आर्थिक दबाव बढ़ाया है और अवैध धमकियां दी हैं। मंत्रालय ने कहा कि जारी नौसैनिक नाकेबंदी आक्रामक कार्रवाई का स्पष्ट उदाहरण है। बयान में आरोप लगाया गया कि सैन्य एवं गैर-सैन्य ठिकानों, नागरिक बुनियादी ढांचे और ईरानी नागरिकों पर अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन हैं।

ईरान अपना बचाव जारी रखेगा
ईरान ने क्षेत्रीय देशों से कहा कि अमेरिका के कथित अवैध हमलों के जवाब में की गई उसकी रक्षात्मक कार्रवाई को किसी भी स्थिति में उन देशों के खिलाफ हमला नहीं माना जाना चाहिए। बयान में कहा गया, "अमेरिका और उसके कुछ क्षेत्रीय साझेदारों द्वारा जहाजों को असुरक्षित और अनधिकृत दक्षिणी मार्ग से गुजरने की अनुमति देने पर जोर देने का उद्देश्य केवल समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-5 को निष्प्रभावी करना और ईरान को अपने दायित्वों के निर्वहन से रोकना नहीं था, बल्कि यह सैन्य गतिविधियों और आवाजाही को छिपाने का माध्यम भी था।" विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्रता, गरिमा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अमेरिका-इजरायल गठबंधन के खिलाफ मजबूती से अपना बचाव जारी रखेगा।

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