अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रंप बोले- ‘50-50 है स्थिति’, कूटनीति या युद्ध तय होगा जल्द

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है। ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 24, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है।

ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और उनके संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से संभालने की गारंटी देगा।

वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल
राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फोन पर बात करने की योजना बनाई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान वार्ता पर जल्द ही कोई खबर आ सकती है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी एक 14-सूत्रीय समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही है और अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में संकेत दिए हैं, हालांकि अभी भी कुछ बिंदुओं पर मतभेद बरकरार हैं।

भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत बना अमेरिका
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है, जबकि सिंगापुर अभी भी भारत में निवेश करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। 2025-26 में अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश दोगुना होकर 11 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।

निवेश का रुख अब बदल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र निवेश के मामले में सबसे आगे रहा, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। डेटा सेंटर्स में हो रहे भारी निवेश को इसका एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

2