US-Iran Tension 2026: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग अब एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि तेहरान को परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़नी होंगी। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं हो सकते। उन्होंने संकेत दिया कि हालांकि बातचीत के कुछ दौर सकारात्मक रहे हैं, लेकिन अगर कोई ‘सार्थक समझौता’ नहीं होता है, तो ईरान को इसके ऐसे परिणाम भुगतने होंगे जो उसने पहले कभी नहीं देखे होंगे।
अगले 10 दिन होंगे निर्णायक: ट्रंप ने दिया समय सीमा का संकेत
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका अब लंबे समय तक कूटनीतिक इंतजार करने के मूड में नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के साथ मौजूदा गतिरोध की स्थिति अगले 10 दिनों के भीतर पूरी तरह साफ हो जाएगी। ट्रंप का यह ’10 दिन’ वाला बयान विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसे सैन्य कार्रवाई से पहले की अंतिम समय सीमा के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ काम करने के इच्छुक तो हैं, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
युद्ध के मुहाने पर खाड़ी क्षेत्र: F-22 और एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती
पेंटागन ने ईरान की घेराबंदी करने के लिए अपनी सामरिक शक्ति को चरम पर पहुंचा दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने दो सबसे शक्तिशाली कैरियर बैटल ग्रुप—यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस गेराल्ड आर—को तैनात कर दिया है। इसके साथ ही, अत्याधुनिक F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग जैसे खतरनाक फाइटर जेट्स ईरान की सीमाओं के करीब गश्त कर रहे हैं। इन तैयारियों ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि अमेरिका इसी सप्ताह तेहरान के परमाणु ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक या बड़े हवाई हमले कर सकता है।
ईरान का पलटवार: ‘नो-फ्लाई जोन’ और नोटम (NOTAM) लागू
अमेरिकी हमलों की बढ़ती आशंका के बीच ईरान ने भी अपनी रक्षात्मक तैयारियों को ‘हाई अलर्ट’ मोड पर डाल दिया है। ईरान सरकार ने अपने पूरे हवाई क्षेत्र में ‘नोटम’ (NOTAM) जारी कर दिया है, जिसका अर्थ है कि समूचे ईरानी इलाके में ‘नो-फ्लाई जोन’ लागू कर दिया गया है। किसी भी विदेशी या नागरिक विमान को बिना अनुमति उड़ान भरने की इजाजत नहीं है। ईरान ने अपनी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है और अपने महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों को हवाई हमलों से बचाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवच तैयार किया है।
खामेनेई के तल्ख तेवर: ‘हमला हुआ तो देंगे करारा जवाब’
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। अपने ताजा संबोधन में खामेनेई ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान किसी भी देश पर पहले हमला करने की नीति नहीं रखता, लेकिन अगर उस पर हमला किया गया, तो उसका जवाब अत्यंत विनाशकारी होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी कार्रवाई केवल एक हमला नहीं रहेगी, बल्कि यह एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगी। खामेनेई का यह रुख दर्शाता है कि ईरान दबाव में झुकने के बजाय टकराने के लिए तैयार है, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक अशांति बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
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