स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता से पहले अमेरिका-ईरान में टकराव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना विवाद का केंद्र

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम और स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि युद्धविराम के दौरान या उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांति वार्ता विफल रही तो अमेरिका खुद इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना टोल लागू कर देगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए

Wrriten By :

Editor

Published On :

जून 21, 2026

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नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम और स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि युद्धविराम के दौरान या उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांति वार्ता विफल रही तो अमेरिका खुद इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना टोल लागू कर देगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यदि स्विट्जरलैंड में रविवार से शुरू होने वाली वार्ता निर्धारित 60 दिनों में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती है तो अमेरिका अपनी तरफ से टोल लगा सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "युद्धविराम के दौरान 60 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई टोल नहीं होगा और 60 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई टोल नहीं लिया जाएगा। लेकिन, अगर समझौता पूरा नहीं होता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा और केवल अमेरिका के लिए ही टोल लगाया जा सकता है। यह टोल मिडिल ईस्ट के देशों के लिए गार्जियन एंजेल (रक्षक) के रूप में दी गई सेवाओं के अतीत, वर्तमान और भविष्य के खर्चों की भरपाई के लिए होगा।"

ईरान का रास्ता बंद करने का दावा
ट्रंप की इस घोषणा ने तकनीकी स्तर की अमेरिका-ईरान वार्ताओं की शुरुआत में ही कड़वाहट पैदा कर दी है। मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर की भागीदारी के साथ यह बातचीत रविवार से स्विट्जरलैंड में शुरू होने वाली है। वार्ता से ठीक पहले ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा युद्ध को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धताओं का स्पष्ट उल्लंघन करने के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि यह अंतरिम समझौता सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने के लिए था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।

अमेरिका ने ईरान के दावे को नकारा
अमेरिकी सेना ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि जलमार्ग बंद है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। वहां समुद्री यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और अमेरिकी सेना स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवाजाही निर्बाध बनी रहे।" अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को भी उस जलमार्ग से 55 व्यापारिक जहाज सुरक्षित गुजरे, जिनमें 1.7 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जाया जा रहा था।

स्विट्जरलैंड रवाना हुई ईरान की टीम
जलडमरूमध्य को बंद करने के अपने दावे के तुरंत बाद ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि उनकी वार्ताकार टीम स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुकी है। इस टीम में ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। इस समझौते के तहत ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को भी वापस बहाल किया जाना है।

दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि वाइट हाउस के प्रमुख वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर होने वाली वार्ताओं के तकनीकी विवरणों पर काम कर रहे हैं। वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वे खुद भी अगले एक-दो दिनों में स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे।

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