US Iran Conflict : डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर भड़का ईरान, अमेरिका पर लगाया भारतीय नाविकों की हत्या का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने के आरोपों के बाद वैश्विक राजनीति गरमा गई है। ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए अमेरिका पर ही पलटवार किया है और 3 मासूम भारतीय नाविकों की मौत के लिए अमेरिकी मरीन हमलों को जिम्मेदार ठहराया है। आखिर इस तनाव का भारत पर क्या असर होगा?

US Iran Conflict

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 13, 2026

US Iran Conflict : होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक जलमार्ग के पास भारतीय नाविकों वाले एक कमर्शियल जहाज पर हुए घातक हमले को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक युद्ध छिड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने के दावे पर तेहरान ने बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने राष्ट्रपति ट्रंप के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से ‘बेबुनियाद’ और ‘झूठा’ करार दिया है।

ईरान का साफ तौर पर कहना है कि अमेरिका इन मनगढ़ंत आरोपों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारत के लोगों का ध्यान अपनी गंभीर सैन्य गलतियों से भटकाने की एक नाकाम कोशिश कर रहा है। ईरान ने दावा किया है कि हकीकत इसके उलट है और खुद अमेरिकी नौसेना ने पिछले एक सप्ताह के भीतर भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर जानलेवा हमले किए हैं, जिनमें तीन निर्दोष भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हुई है।

ईरानी दूतावास ने ट्रंप के बयानों को बताया ध्यान भटकाने की अमेरिकी साजिश

भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक आधिकारिक और कड़ा कूटनीतिक बयान जारी किया। दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू वाले जहाज को निशाना बनाने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह से निराधार और तथ्यों से परे हैं। दूतावास के अनुसार, अमेरिका इस तरह की बयानबाजी केवल इसलिए कर रहा है ताकि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना द्वारा हाल ही में किए गए उन खूनी और क्रूर हमलों से वैश्विक मीडिया का ध्यान हटाया जा सके, जिनमें अपनी ड्यूटी कर रहे तीन भारतीय नाविकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

एक सप्ताह में तीन भारतीय जहाजों को बनाया निशाना

ईरानी प्रशासन ने वाशिंगटन पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप मढ़ते हुए कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है। ईरान की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर तीन ऐसे व्यापारिक जहाजों को जानबूझकर निशाना बनाया, जिन पर भारतीय चालक दल (क्रू मेंबर्स) सवार थे। इन अंधाधुंध हमलों के कारण तीन निर्दोष भारतीय नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई। ईरानी दूतावास ने वैश्विक जल क्षेत्र में अमेरिकी सेना की इस हिंसक कार्रवाई को ‘क्रूर’, ‘अमानवीय’ और ‘बेहद शर्मनाक’ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसकी कड़ी निंदा करने की मांग की है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मढ़ा था दोष

इस बड़े कूटनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय नाविकों वाले कमर्शियल जहाजों पर जो भी संदिग्ध हमले हुए हैं, उनके पीछे सीधे तौर पर ईरान और उससे जुड़े उग्रवादी संगठनों का हाथ था। ट्रंप ने ईरान की इस कथित कार्रवाई को वैश्विक व्यापार के खिलाफ और ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताया था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के इस भारी-भरकम दावे को लेकर अब तक किसी भी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या स्वतंत्र स्रोतों द्वारा कोई आधिकारिक पुष्टि या सबूत सामने नहीं रखे गए हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय का तीखा हमला

ईरान के विदेश मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर अमेरिका को आड़े हाथों लिया। उन्होंने वाशिंगटन की सैन्य नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय व्यापारिक और मर्चेंट जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए जा रहे ये लगातार हमले वास्तव में अमेरिका की ‘राज्य प्रायोजित समुद्री लूट’ (State-sponsored piracy) और खुलेआम ‘सशस्त्र डकैती’ की साम्राज्यवादी नीति का जीता-जागता उदाहरण हैं। इसके साथ ही, प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस अमेरिकी गोलाबारी में मारे गए निर्दोष भारतीय नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि संकट की इस घड़ी में ईरान पीड़ित भारतीय परिवारों के दुख में पूरी तरह साथ खड़ा है।

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