US India Trade Deal: ट्रेड डील पर शिवसेना सांसद की तीखी प्रतिक्रिया, उठाए कई सवाल

शिवसेना उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाए और कहा कि डील से भारत को नुकसान हो सकता है।

US India Trade Deal

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 3, 2026

US India Trade Deal: राज्यसभा सांसद और शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील पर गंभीर टिप्पणी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर की गई पोस्ट का हवाला देते हुए प्रियंका ने इस डील को भारत के हित में नहीं मानने की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह डील आम जनता के फायदे के लिए है या नहीं। उनका कहना है कि देश की जनता तय करेगी कि यह समझौता उनके लिए सही है या नहीं।

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भारत के तेल आयात पर असर

India-US Trade Deal
शिवसेना सांसद की तीखी प्रतिक्रिया

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत ने अब वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमति जताई है और रूस व ईरान से तेल खरीदने को रोकने पर राजी हुआ है। इससे किसका नुकसान होगा, यह सवाल उन्होंने उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी पोस्ट से पता चलता है कि भारत पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया गया है। इसके बदले भारत अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य करने के लिए सहमत दिखाई दे रहा है।

प्रियंका ने यह भी लिखा कि हालांकि अमेरिकी पोस्ट में सीधे तौर पर ज़िक्र नहीं है, लेकिन पहले बजट के दिन किए गए दावे के अनुसार भारत ईरान से कच्चे तेल की खरीद पर भी यही रुख अपना सकता है। उन्होंने बताया कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर सहमत हुआ है, जबकि देश के कुल कच्चे तेल आयात में इसका हिस्सा केवल 10% के आसपास है।

ऊर्जा और निजी क्षेत्र पर अमेरिकी दबाव

सांसद ने यह भी कहा कि अमेरिकी एलपीजी आयात के लिए भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरी से जुड़े समझौते और SHANTI बिल 2025 को पास करने की योजना अमेरिकी मांगों को पूरा करने की दिशा में कदम माने जा रहे हैं। इस बिल के पास होने के बाद न्यूक्लियर पावर सेक्टर में निजी कंपनियों की एंट्री संभव होगी।

500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद आयात का दावा

प्रियंका ने इस डील के तहत भारत द्वारा अमेरिका से ऊर्जा, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की लगभग 500 अरब डॉलर की खरीद की बात उठाई। उन्होंने ध्यान दिलाया कि 2024 में अमेरिका से भारत का वस्तु निर्यात लगभग 41.5 अरब डॉलर और सेवाओं का निर्यात करीब 41.8 अरब डॉलर रहा। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत में इस समझौते को लेकर उत्साह दिखता है, लेकिन जश्न थोड़ा दबा हुआ और जानकारी सीमित है।

प्रियंका की तीखी प्रतिक्रिया

प्रियंका चतुर्वेदी ने साफ तौर पर लिखा, “जो कोई भी सोचता है कि यह भारत के लिए बहुत अच्छी डील है, वो बहुत भोले लोग हैं।” उनका यह बयान भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उनके आलोचनात्मक रुख को दर्शाता है।

प्रियंका की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि इस डील के फायदे और नुकसान पर गहरी बहस की आवश्यकता है। उन्होंने ऊर्जा, तेल, कृषि और निजी क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई हैं।

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