Hindu Temple Attack: अमेरिका में भारतीयों को निशाना बनाने की कथित साजिश, भारत ने सुरक्षा पर जताई चिंता

अमेरिका के इलिनोइस में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के घर से राइफल, गोला-बारूद और कथित नाजी सामग्री मिलने की खबर है। भारत ने घटना पर चिंता जताते हुए अमेरिकी प्रशासन से भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Hindu Temple Attack

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

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Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक हिंदू मंदिर पर बड़े पैमाने पर गोलीबारी की कथित साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि साजिश में हिंदू-विरोधी और नस्लवादी सोच सामने आना बेहद गंभीर है। भारत ने अमेरिकी प्रशासन से वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश से भारत चिंतित

बताते चले कि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हिंदू-विरोधी और नस्लवादी सोच के संकेत मिलना खास तौर पर गंभीर है। कथित योजना में भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने की बात भी सामने आई है।

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश से भारत चिंतित

भारत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं अमेरिका में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। सरकार का मानना है कि नफरत के आधार पर हिंसा की योजना बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर भारत ने अमेरिका से क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिकी पुलिस और जांच एजेंसियों ने मामले में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ आरोप भी लगाए गए हैं। भारत ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच करेंगे, दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। भारत ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए ज्यादा सतर्कता बरतने और नस्लवाद व नफरत से प्रेरित हिंसा के मामलों में सख्ती दिखाने पर जोर दिया है।

कौन है हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश का आरोपी?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पैलेटाइन इलाके में रहने वाले 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पर ऑरोरा के एक बड़े हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की योजना बनाने का आरोप है। बताया गया है कि वह टैको बेल में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी बताता था। आरोप है कि उसने भारतीय मूल के लोगों को मारने की इच्छा भी जाहिर की थी। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और बरामद सामग्री के आधार पर जांच एजेंसियां आगे की पड़ताल कर रही हैं।

मंदिर में हमले की कोशिश के दौरान क्या हुआ?

मंदिर में हमले की कोशिश के दौरान क्या हुआ?

रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार 11 अक्टूबर को आरोपी ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी। आरोप है कि उसने गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई। इसके बाद वह वहां से भाग निकला। बताया गया है कि आरोपी के एक सहकर्मी ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से निकलते समय गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित हमले की योजना सिर्फ उसी ने बनाई थी या इसमें कोई और भी शामिल था।

आरोपी के घर से हथियार, गोला-बारूद और नाजी चिह्न बरामद

पुलिस की तलाशी में आरोपी के घर से एआर-स्टाइल राइफल, करीब 300 राउंड गोला-बारूद, लोडेड मैगजीन, बॉडी आर्मर और टैक्टिकल गियर मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा नाजी चिह्नों से जुड़ा सामान और आठ पन्नों का एक कथित मेनिफेस्टो भी बरामद किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दस्तावेज में आरोपी ने खुद को नफरत से भरा श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी बताया था। इसमें भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी समुदायों के लोगों को निशाना बनाने की बात भी लिखी गई थी। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों और बरामद सामान की पड़ताल कर रही हैं।

आरोपी जेल में, 30 अक्टूबर को अगली सुनवाई

आरोपी पर आतंकवादी धमकी और हथियार रखने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होनी है। फिलहाल, पुलिस और एफबीआई इस मामले की जांच कर रही हैं। एजेंसियां कथित साजिश के पीछे की वजह, आरोपी की गतिविधियों और किसी संभावित सहयोगी की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। भारत ने भी उम्मीद जताई है कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।