US F-15 Crash in Kuwait: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष आज अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, और युद्ध की विभीषिका कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ जहां इजरायल और अमेरिका की वायुसेना ईरान पर बारूद बरसा रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को दहला दिया है। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कुवैत में अमेरिका का एक F-15 ईगल लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। F-15 को दुनिया के सबसे घातक और सफल लड़ाकू विमानों में गिना जाता है, ऐसे में युद्ध के दौरान इसका गिरना अमेरिकी वायुसेना के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
विमान के हवा में जलने का वीडियो वायरल: मार गिराए जाने का दावा
सोशल मीडिया पर, विशेष रूप से ईरान समर्थक हैंडल्स द्वारा एक वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर इस विमान के अंतिम क्षणों को देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है कि हवा में उड़ते हुए विमान में अचानक आग लग जाती है और वह अनियंत्रित होकर गोल-गोल घूमते हुए जमीन की ओर गिरने लगता है। कई ईरानी स्रोतों ने दावा किया है कि इस विमान को ‘निष्क्रिय’ नहीं बल्कि ‘मार गिराया’ गया है। हालांकि, राहत की बात यह बताई जा रही है कि विमान का पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा। फिलहाल, न तो पेंटागन (अमेरिका) और न ही कुवैती सेना ने आधिकारिक तौर पर इस क्रैश की पुष्टि की है और न ही इसके पीछे के कारणों का खुलासा किया है।
ईरान के भीतर तबाही का मंजर: 2,000 से ज्यादा ठिकानों पर प्रहार
अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने का अभियान छेड़ रखा है। पिछले 48 घंटों के भीतर ईरान के अंदर 2,000 से अधिक ठिकानों पर सटीक हमले किए गए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा जारी फुटेज में ईरानी मिलिट्री ठिकानों को मिसाइलों से उड़ते हुए साफ देखा जा सकता है। इन हमलों का मुख्य केंद्र अयातुल्ला खामेनेई का कंपाउंड, विशाल मिसाइल स्टोर, उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और नौसैनिक संपत्तियां रही हैं। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन हमलों की तीव्रता इतनी अधिक है कि ईरान का रक्षा तंत्र फिलहाल संभलने की स्थिति में नहीं दिख रहा है।
A US F-15 fighter jet Shot down in Kuwait. pic.twitter.com/hC4ROftFCB
— The Gulf Reporter (@IR_News2) March 2, 2026
ईरान ने भी अपनी हार स्वीकार करने के बजाय पूरी ताकत से पलटवार किया है। ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के यरुशलम, तेल अवीव और किरयात ओनो जैसे शहरों को निशाना बनाया है। इतना ही नहीं, जंग की आग अब इजरायल की सीमाओं से बाहर निकलकर अन्य देशों तक फैल गई है। ईरान ने बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भारी गोलाबारी की है, जिससे वहां बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचने की सूचना है। तेहरान में भी स्थिति तनावपूर्ण है, जहाँ बीती रात इजरायली विमानों ने स्टेट टीवी के दफ्तर और अन्य सरकारी इमारतों पर जबरदस्त बमबारी की।
भविष्य की अनिश्चितता: क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है?
जैसे-जैसे हमले बढ़ रहे हैं, कूटनीतिक रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं। एक तरफ अमेरिका और इजरायल का गठबंधन ईरान को पूरी तरह सैन्य रूप से पंगु बनाने पर तुला है, तो दूसरी तरफ ईरान ‘अंतिम सांस तक लड़ने’ की बात कर रहा है। खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी सेना अब पूरी तरह ‘कॉम्बैट मोड’ में है। पूरी दुनिया इस बात से आशंकित है कि यह क्षेत्रीय संघर्ष कहीं वैश्विक महायुद्ध में न तब्दील हो जाए। फिलहाल, तेहरान और यरुशलम के आसमान से धुएं का गुबार हटने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं और शांति की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं।










