US-Canada Trade War : अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक विवाद अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले कुछ डेयरी उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब कनाडा ने भी अमेरिका से आयात होने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर जवाबी टैरिफ लागू किए हैं। अमेरिका के नए आयात प्रतिबंध 29 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगे।
डेयरी उत्पादों पर अमेरिका का बड़ा फैसला
राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा की व्यापार नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि वहां अमेरिकी डेयरी उत्पादों के साथ भेदभाव किया जाता है। इसी आधार पर अमेरिकी प्रशासन ने कुछ कनाडाई डेयरी वस्तुओं के आयात को रोकने का निर्णय लिया है। इस फैसले को सामान्य टैरिफ से अलग माना जा रहा है, क्योंकि प्रभावित उत्पादों के अमेरिकी बाजार में प्रवेश पर सीधे रोक लगाई जाएगी। इससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक मतभेद और गहरे होने की आशंका है।

सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से कनाडाई कंपनियों पर संकट
व्यापार विवाद अब केवल आयात शुल्क तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिका कनाडाई उत्पादों और कंपनियों को संघीय सरकार के बड़े और दीर्घकालिक सरकारी अनुबंधों से बाहर रखने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। इससे कनाडाई कारोबारियों के लिए अमेरिकी बाजार में कारोबार करने की चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
कनाडा ने अमेरिकी सामान पर लगाया जवाबी टैरिफ
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में कनाडा ने करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी उत्पादों पर नए शुल्क लागू किए हैं। इन वस्तुओं में स्टील और एल्युमिनियम के अलावा पनीर, घरेलू उपकरण, कपड़े, कॉस्मेटिक्स और कृषि उपकरण जैसे सामान शामिल हैं। कनाडा के इस कदम से अमेरिकी निर्यातकों पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

कनाडा अमेरिका पर निर्भरता घटाने की तैयारी में
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संकेत दिया है कि उनका देश अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक स्वतंत्र और विविध बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी एक देश पर अत्यधिक आर्थिक निर्भरता जोखिम पैदा कर सकती है। हालांकि, इस बदलाव के शुरुआती चरण में कनाडा को आर्थिक दबाव और कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
यूरोपीय संघ समेत नए बाजारों पर नजर
अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने के लिए कनाडा अब दूसरे वैश्विक बाजारों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर जोर दे रहा है। यूरोपीय संघ समेत अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार बढ़ाना इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। कनाडा का उद्देश्य अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाकर अमेरिकी व्यापार नीतियों से पैदा होने वाले जोखिम को कम करना है।

व्यापार वार्ता विफल होने के बाद बढ़ा विवाद
21 अगस्त को अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता विफल होने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव तेजी से बढ़ा है। इसके बाद अमेरिका की ओर से नए टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों का सिलसिला देखने को मिला, जबकि कनाडा ने भी जवाबी कदम उठाए। लगातार बदलते व्यापारिक फैसलों ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को अनिश्चितता के दौर में पहुंचा दिया है।
आम लोगों और कारोबार पर भी पड़ रहा असर
बढ़ते व्यापारिक तनाव का प्रभाव अब दोनों देशों के आम नागरिकों के व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है। कनाडा में अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार की मांग और गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके साथ ही अमेरिका की यात्रा करने वाले कनाडाई नागरिकों की मांग में भी कमी आने की खबरें सामने आई हैं। यदि विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर कीमतों, कारोबार, आपूर्ति श्रृंखला और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।
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