नगर विकास विभाग लेगा प्रोफेशनल एजेंसी की मदद, वेबसाइट और सोशल मीडिया पर जोर

 पटना  शहरों के विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अब नगर विकास एवं आवास विभाग पेशेवर संचार एजेंसी की मदद लेगा। विभाग ने एकीकृत मीडिया एवं संचार सहयोग के लिए सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी  योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ ही जनसंपर्क और लोगों से संवाद की रणनीति तैयार करने में सहयोग करेगी। एजेंसी तैयार करेगी मीडिया और संचार से जुड़ी सलाह, रणनीति   नगर विकास से मिली जानकारी के अनुसार जिस एजेंसी का चयन होगा उसे रणनीतिक संचार और जन पहुंच बढ़ाने से जुड़े कार्य

Wrriten By :

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Published On :

अगस्त 15, 2026

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 पटना
 शहरों के विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अब नगर विकास एवं आवास विभाग पेशेवर संचार एजेंसी की मदद लेगा।

विभाग ने एकीकृत मीडिया एवं संचार सहयोग के लिए सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी  योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ ही जनसंपर्क और लोगों से संवाद की रणनीति तैयार करने में सहयोग करेगी।

एजेंसी तैयार करेगी मीडिया और संचार से जुड़ी सलाह, रणनीति  
नगर विकास से मिली जानकारी के अनुसार जिस एजेंसी का चयन होगा उसे रणनीतिक संचार और जन पहुंच बढ़ाने से जुड़े कार्य करने होंगे।

इसका उद्देश्य शहरी विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं और सरकार के फैसलों की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाना है।

इसके लिए मीडिया और अन्य संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। योजनाओं को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और विभाग की गतिविधियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने में भी एजेंसी सहयोग करेगी।

पहले वर्ष वेबसाइट, सोशल मीडिया व पाडकास्ट पर जोर
सूत्रों ने बताया कि चयनित एजेंसी पहले छह महीने में विभाग के सभी इंटरेट मीडिया माध्यमों का पूरा आकलन करेगी। इसके आधार पर डिजिटल स्थिति की रिपोर्ट तैयार होगी

सामग्री तैयार करने के लिए अलग टीम होगी। काम की मानक प्रक्रिया और 30 दिन का अग्रिम सामग्री कैलेंडर सुनिश्चित किया जाएगा।

विभाग की वेबसाइट की समीक्षा कर उसमें बदलाव की योजना तैयार करने के साथ वाट्सएप आधारित संचार व्यवस्था शुरू करने जैसे कार्य एजेंसी के होंगे।

पहले वर्ष वेबसाइट, इंटरनेट मीडिया व पाडकास्ट पर जोर रहेगा इसके बाद दूसरे वर्ष इसका बढ़ेगा दायरा बढ़ाया जाएगा। इसी पूरी कवयाद का मकसद विभाग के स्तर पर संचालित योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना है।

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