UPPSC Recruitment 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। रविवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) इस साल यानी 2026 में 15,000 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गर्व के साथ बताया कि पिछले 9 वर्षों के कार्यकाल में उनकी सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश भारत में सर्वाधिक और सबसे पारदर्शी नियुक्तियां करने वाला राज्य बन चुका है।
भर्ती प्रक्रिया में शुचिता और समयबद्धता पर विशेष जोर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच उत्साह भरते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 15,000 पदों पर होने वाली यह भर्ती महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को संवारने का एक संकल्प है। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि पूरी चयन प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि विज्ञापन से लेकर अंतिम चयन परिणाम तक की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलंब न हो, ताकि मेधावी अभ्यर्थियों को रोजगार के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए बना ‘ब्रह्मास्त्र’ कानून
भर्ती परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा बनाए गए कठोर कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करना नामुमकिन है। नए कानून के तहत भर्ती प्रक्रिया में धांधली या पेपर लीक करने वालों के खिलाफ उम्रकैद की सजा और उनकी संपत्ति जब्त करने जैसे सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। सीएम योगी के अनुसार, इसी कड़ाई और ईमानदारी का परिणाम है कि पिछले 9 लाख पदों पर बिना किसी बड़े विवाद के नियुक्तियां पूरी की जा सकी हैं।
विपक्षी सरकारों पर तीखा प्रहार: ‘बीमारू’ राज्य से विकासशील यूपी तक का सफर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2017 से पहले का प्रदेश भ्रष्टाचार और अराजकता की भेंट चढ़ चुका था। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय चयन प्रक्रिया में बेईमानी, भाई-भतीजावाद और भेदभाव का बोलबाला था, जिसके कारण योग्य युवाओं के हक पर डाका डाला जाता था। सीएम योगी ने तंज कसा कि उस दौर में स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर प्रशासनिक तंत्र तक ‘भगवान भरोसे’ था, जिसने यूपी को एक ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी में खड़ा कर दिया था। अब वह दौर खत्म हो चुका है और चयन प्रक्रिया केवल मेरिट के आधार पर होती है।
यूपीपीएससी 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों में नई उम्मीद
इस घोषणा के बाद यूपीपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। 15,000 पदों की यह भर्ती प्रशासनिक सेवा, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में रिक्तियों को भरने के लिए की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस कदम को 2026 के आगामी राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि वह युवाओं को अधिक से अधिक अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को उत्तर प्रदेश से मजबूती दे। आगामी कुछ हफ्तों में आयोग द्वारा इन भर्तियों का विस्तृत नोटिफिकेशन और कैलेंडर जारी किए जाने की संभावना है।
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