UP News: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन देने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सफल अभ्यर्थियों, अधिकारियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस साल समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित कोचिंग संस्थानों से यूपीपीएससी में 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसे विभाग की तैयारी व्यवस्था और विद्यार्थियों की मेहनत का नतीजा माना जा रहा है।
UPPSC में सफल अभ्यर्थियों से अनुभव शेयर करने की अपील
कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले युवा दूसरे विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने में मदद करें। अपनी तैयारी के दौरान आने वाली चुनौतियों, पढ़ाई के तरीके और परीक्षा में काम आने वाली रणनीतियों को साझा करने से दूसरे अभ्यर्थियों को काफी फायदा मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि भागीदारी भवन से सफलता हासिल करने के पीछे कठिन मेहनत, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति की अहम भूमिका है। लेकिन सफलता का असली मतलब तभी पूरा होता है, जब उसका फायदा समाज के दूसरे लोगों को भी मिले। उन्होंने युवाओं से ‘गिव बैक टू सोसाइटी’ यानी समाज को कुछ वापस देने की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगी मेंटरशिप
एल्यूमिनाई मीट में सफल अभ्यर्थियों को मौजूदा विद्यार्थियों की मदद के लिए कई तरह की गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इनमें ऑनलाइन और ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र, मॉक इंटरव्यू और अध्ययन सामग्री साझा करना शामिल है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को यह भी बताया जाएगा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें, समय का सही इस्तेमाल कैसे करें और परीक्षा की रणनीति किस तरह तैयार करें।
इस पहल का उद्देश्य उन विद्यार्थियों की मदद करना है, जिन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। खासकर ग्रामीण इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं तक अच्छी तैयारी की सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी अपने स्थान पर रहते हुए भी सफल अभ्यर्थियों के अनुभवों से सीख सकें।
सफल अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन से तैयार होगा मदद का नेटवर्क
समाज कल्याण विभाग की इस पहल में एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिसमें सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थी दूसरे विद्यार्थियों की मदद करेंगे और आगे चलकर यही विद्यार्थी भी नए अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर सकेंगे। इस तरह मदद और मार्गदर्शन की एक लगातार चलने वाली कड़ी तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में शामिल चयनित अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन देने और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री, परीक्षा की रणनीति तथा साक्षात्कार के अनुभव साझा करने के लिए स्थायी नेटवर्क बनाने का संकल्प लिया। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अनुभवी लोगों से सीधे सीखने का मौका मिल सकेगा।
पारदर्शी प्रशासन और जरूरतमंदों की मदद पर जोर
असीम अरुण ने प्रशासनिक सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि वे अपने दायित्व निभाते समय वंचित, ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझें। उन्होंने निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी को प्रशासनिक सेवा का अहम हिस्सा बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव और शैलेश राम सहित कई अधिकारी, शिक्षक और अभ्यर्थी मौजूद रहे।

इस एल्यूमिनाई मीट के जरिए समाज कल्याण विभाग ने सफल अभ्यर्थियों को दूसरे युवाओं की मदद से जोड़ने की पहल की है। विभाग का जोर इस बात पर है कि सही मार्गदर्शन और तैयारी के संसाधनों के अभाव में किसी प्रतिभाशाली युवा का सपना अधूरा न रह जाए।










