UPI Payment Rule: 15 अक्टूबर से बदलने वाला था नियम, अब दिवाली तक राहत

UPI से भुगतान करने वाले कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होने वाला 0.4 प्रतिशत शुल्क दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। त्योहारी सीजन में लिए गए इस फैसले के बाद अब सबकी नजर आगे के आधिकारिक अपडेट पर है।

15 अक्टूबर से बदलने वाला था नियम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 13, 2026

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UPI Payment Rule: डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्परेशन ऑफ इंडिया ने चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट रेट (MDR) चार्ज लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होना था। त्योहारी सीजन में खरीदारी और डिजिटल भुगतान बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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15 अक्टूबर से लागू होना था 0.4 प्रतिशत चार्ज

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत तक शुल्क लागू किया जाना था। इस बदलाव को लेकर कारोबारियों के बीच भुगतान की लागत बढ़ने की आशंका थी। हालांकि, फिलहाल इस शुल्क को टाल दिया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी प्रकार के UPI भुगतान पर कोई नया शुल्क लगने वाला था। यह व्यवस्था चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन से संबंधित थी।

दिवाली तक कारोबारियों को मिलेगी राहत

दिवाली तक कारोबारियों को मिलेगी राहत
दिवाली तक कारोबारियों को मिलेगी राहत

दिवाली के आसपास बाजारों में खरीदारी तेज हो जाती है। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, मिठाइयां, घरेलू सामान और उपहारों की बिक्री बढ़ने के साथ डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल भी बढ़ता है। ऐसे समय में भुगतान से जुड़ी अतिरिक्त लागत कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। शुल्क लागू करने का फैसला टलने से व्यापारियों को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है।

छोटे दुकानदारों के लिए क्यों अहम है फैसला?

छोटे दुकानदार, खुदरा व्यापारी और स्थानीय कारोबारी बड़ी संख्या में UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करते हैं। डिजिटल भुगतान की सुविधा से ग्राहकों को नकदी रखने की जरूरत कम होती है और लेनदेन भी आसानी से पूरा हो जाता है। यदि किसी श्रेणी के भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है, तो कारोबारियों की लागत प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शुल्क को टालने का निर्णय त्योहारी कारोबार के दौरान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या ग्राहकों को भी मिलेगी राहत?

UPI शुल्क को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा या नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत चार्ज चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़ा था। इसलिए इसे सभी ग्राहकों के हर UPI भुगतान पर लगने वाला शुल्क समझना सही नहीं होगा। ग्राहकों को किसी भी संभावित शुल्क के बारे में संबंधित बैंक, भुगतान ऐप या आधिकारिक दिशानिर्देशों की जानकारी देखनी चाहिए।

दिवाली के बाद क्या होगा अगला फैसला?

दिवाली के बाद क्या होगा अगला फैसला?
दिवाली के बाद क्या होगा अगला फैसला?

NPCI की ओर से शुल्क लागू करने की समयसीमा टाले जाने के बाद अब आगे की व्यवस्था पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में शुल्क को दिवाली के बाद तक टालने की बात कही गई है। इसकी नई तारीख, लागू होने वाली भुगतान श्रेणियों और अंतिम नियमों को लेकर आधिकारिक अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।

डिजिटल भुगतान करने वालों की नजर आगे के अपडेट पर

UPI देश में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी नियम का असर कारोबारियों और भुगतान व्यवस्था से जुड़े अन्य पक्षों पर पड़ सकता है। त्योहारी सीजन को देखते हुए शुल्क टालने का फैसला राहत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आगे शुल्क लागू होगा या नहीं और किन लेनदेन पर इसका असर पड़ेगा, यह आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

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