
UP News: उत्तर प्रदेश में गांवों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटे ग्राम प्रहरियों के लिए सीएम योगी ने बड़ा ऐलान किया है। मंगलवार को आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने उनका मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की बात कही। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा के लिए आंख और कान: सीएम योगी

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि वे गांव की सुरक्षा व्यवस्था की आंख और कान हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और अफवाहों की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अगर सतर्क रहें और पुलिस के लगातार संपर्क में रहें, तो किसी भी बड़ी घटना को होने से पहले रोकने में मदद मिल सकती है।
68 हजार ग्राम प्रहरियों को मिलेगा मानदेय बढ़ोतरी का लाभ
आपको बता दे कि, सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर पगड़ी पहनाकर और गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रदेश के ग्राम प्रहरियों के लिए मानदेय बढ़ाने और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की। योगी ने कहा कि ग्राम प्रहरियों का काम केवल सूचना देना नहीं, बल्कि गांव में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करना भी है। उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और सतर्कता के साथ निभानी चाहिए।
अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत पुलिस को दें सूचना
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सही सूचना समय पर मिलना बेहद जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए। इससे प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर सकता है और गांव में तनाव या किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सकता है।
जमीन पर अवैध कब्जे और भूमाफिया पर भी रखनी होगी नजर

योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में जमीनों पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क और दूसरी विकास परियोजनाओं के बढ़ने के साथ जमीन से जुड़े मामलों में भी गतिविधियां बढ़ती हैं। ऐसे में अगर कहीं अवैध कब्जा या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस और प्रशासन तक पहुंचानी चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, गांव के लोगों की सजगता से कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
अब बढ़कर कितना हुआ मानदेय ?
सीएम योगी ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में हुई पिछली बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय 2500 रुपये किया गया था। अब एक बार फिर एक हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई है, जिससे मानदेय 3500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। इसके अलावा पांच लाख रुपये तक सालाना कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का भी ऐलान किया गया है।
त्योहारों पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव की आशंका बनी रहती थी। अब नवरात्र जैसे धार्मिक आयोजनों और मेलों में लोग उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। उन्होंने शाकुंभरी पीठ समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि लोग भयमुक्त माहौल में अपने धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें।
सुरक्षा मजबूत होगी तो निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षित माहौल का सीधा संबंध विकास से है। जब कानून-व्यवस्था बेहतर होती है, तो सड़कें बनती हैं, निवेश बढ़ता है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई, सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित तकनीक के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने का उद्देश्य भी पुलिस से संपर्क और सूचनाओं का आदान-प्रदान आसान बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सुरक्षित और सजग होंगे, तभी प्रदेश के विकास की नींव और मजबूत होगी।











