
UP News: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को त्योहार के मौके पर अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये तक बोनस दिया जाएगा।
दीपावली से पहले योगी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 30 दिन का
किन कर्मचारियों को मिलेगा 30 दिन के बोनस का लाभ?
सरकार के इस फैसले का लाभ पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और सरकारी विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारी भी बोनस के दायरे में शामिल किए गए हैं। हालांकि, बोनस का लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को निर्धारित सेवा संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। शासनादेश के मुताबिक, संबंधित कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 तक लगातार कम से कम एक साल की सेवा पूरी की होनी चाहिए। वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
बोनस की गणना के लिए 7 हजार रुपये वेतन की सीमा

शासनादेश में बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इसी आधार पर 30 दिन के तदर्थ बोनस की अधिकतम राशि 6,908 रुपये तय की गई है। यानी निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों को अधिकतम इतनी रकम मिल सकती है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के अनुसार होगा।
दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा दिवाली बोनस
योगी सरकार ने इस फैसले में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया है। हालांकि, इनके लिए अलग से सेवा और कार्यदिवस की शर्तें निर्धारित की गई हैं। छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में काम करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को लगातार तीन साल तक सेवा देनी होगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी होगा। वहीं, पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए हर साल कम से कम 206 दिन काम करने की शर्त रखी गई है। इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को अधिकतम 1,184 रुपये बोनस दिया जाएगा।
75 प्रतिशत बोनस पीएफ खाते में होगा जमा
बोनस भुगतान को लेकर सरकार ने राशि के वितरण का तरीका भी स्पष्ट किया है। शासनादेश के अनुसार, कुल बोनस का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी के भविष्य निधि यानी पीएफ खाते में जमा किया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत रकम नकद दी जाएगी।
जिन कर्मचारियों के पास पीएफ खाता नहीं है, उन्हें नियमानुसार राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) या सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद देने का प्रावधान है।
इन कर्मचारियों का बोनस रोका जा सकता है
सरकार ने बोनस पाने के लिए कुछ प्रतिबंध भी तय किए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दोषी पाए गए कर्मचारियों को बोनस नहीं मिलेगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मामला लंबित है, उनका भुगतान मामले का अंतिम फैसला आने तक रोक दिया जाएगा। हालांकि, यदि कर्मचारी को मामले में दोषमुक्त कर दिया जाता है, तो नियमानुसार बोनस का भुगतान किया जाएगा।











