UP Women Commission : यूपी महिला आयोग का बड़ा फैसला, जिम, बुटीक और कोचिंग में महिला कर्मचारी अनिवार्य

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं को 'बैड टच' और उत्पीड़न से बचाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब जिम में महिला ट्रेनर, बुटीक में नाप लेने के लिए महिला दर्जी और कोचिंग सेंटरों में सीसीटीवी के साथ महिला सुरक्षाकर्मी होना अनिवार्य होगा। क्या यह फैसला सुरक्षित यूपी की नई इबारत लिखेगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 29, 2026

UP Women Commission : उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने प्रदेश की महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। आयोग ने महिलाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय अधिवक्ता प्रवीण फाइटर द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया गया। आयोग ने इन सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को 9-सूत्रीय आदेश का मसौदा भेजकर उसे तत्काल प्रभाव से क्रियान्वित करने का निर्देश दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक और निजी व्यावसायिक स्थानों पर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करना है।

जिम, योगा और नाट्य केंद्रों में अब केवल महिला ट्रेनर

आयोग के नए आदेश के मुताबिक, अब उन सभी जिम, योगा सेंटर और नाट्य कला केंद्रों में, जहाँ महिलाएँ प्रशिक्षण लेती हैं, महिला ट्रेनर या टीचर का होना अनिवार्य कर दिया गया है। आयोग का मानना है कि शारीरिक गतिविधियों के दौरान महिला ट्रेनर की उपस्थिति से महिलाएँ अधिक सहज और सुरक्षित महसूस करेंगी। इसके साथ ही, इन केंद्रों पर नियुक्त होने वाले सभी ट्रेनरों का पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराना भी अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को जड़ से खत्म किया जा सके। केंद्रों में प्रवेश के समय आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करना भी अब सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा होगा।

बुटीक और वस्त्र दुकानों के लिए नई आचार संहिता

महिला आयोग ने बुटीक और टेलरिंग शॉप्स के लिए भी कड़े नियम तय किए हैं। अब बुटीक सेंटरों पर महिला ग्राहकों के कपड़ों की नाप केवल महिला कर्मचारी ही ले सकेंगी। अक्सर इस प्रक्रिया के दौरान पुरुष टेलरों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा और निजता संबंधी शिकायतें आती रही हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसी तरह, महिलाओं के वस्त्र बेचने वाले शोरूम और दुकानों पर भी महिला कर्मचारियों की नियुक्ति को अनिवार्य बनाया गया है। इन सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सक्रिय सीसीटीवी (CCTV) और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) का होना भी सुनिश्चित करना होगा।

स्कूल बसों और कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त सुरक्षा मानक

आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में भी सुरक्षा घेरे को व्यापक बनाया है। अब स्कूल बसों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला सुरक्षाकर्मी या महिला टीचर की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यह कदम छोटी बच्चियों के साथ होने वाली अनहोनी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके अलावा, राज्य के सभी कोचिंग सेंटरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगवाएं और छात्राओं के लिए उचित एवं सुरक्षित वॉशरूम (प्रसाधन) की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

आधार सत्यापन और सीसीटीवी की अनिवार्य निगरानी

इन दिशा-निर्देशों में तकनीक और पहचान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। चाहे वह जिम हो, योगा क्लास हो या कोई कोचिंग सेंटर, हर आने-जाने वाले व्यक्ति की पहचान का रिकॉर्ड रखना अब अनिवार्य होगा। पहचान पत्र की अनिवार्यता से संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर रोक लगेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी कैमरों का केवल लगा होना काफी नहीं है, बल्कि उनका सुचारू रूप से कार्य करना और डेटा का सुरक्षित रिकॉर्ड (DVR) रखना भी अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश सरकार अब इन 9 बिंदुओं को लागू करने की कार्ययोजना पर काम कर रही है, जिससे राज्य में महिला सुरक्षा की एक नई मिसाल पेश की जा सके।

Read More:  Ganga Expressway UP: मेरठ-प्रयागराज दूरी अब होगी आसान, गंगा एक्सप्रेसवे से समय में बड़ी बचत