
Arnab Cyclone: पूर्वांचल सहित वाराणसी और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अर्नब चक्रवात का असर लगातार देखने को मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी हिस्सों तक कई इलाकों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा। बुधवार दोपहर से सक्रिय हुआ चक्रवाती प्रभाव शनिवार शाम तक बना रहा, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
यूपी में भारी बारिश और तेज हवाओं से खेती को बड़ा नुकसान

बताते चले कि, लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। बुधवार देर रात से शनिवार तक रुक-रुककर हुई बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। वहीं तेज हवाओं से धान और सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है। कई जगह फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की स्थिति बन गई है।
पूर्वांचल में फसल नुकसान और किसान संकट बढ़ा
बारिश और तेज हवाओं के कारण खेती-किसानी का काम भी प्रभावित हुआ है। खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान से किसानों की आर्थिक चिंता बढ़ गई है। पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें अधिक हैं। अब चक्रवाती मौसम ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में बारिश ने बढ़ाई दुश्वारियां

उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण बनी रही। कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को सुरक्षित जगहों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। नदियों के जलस्तर में भी बारिश का असर देखने को मिला है।
मौसम विभाग ने पहले ही जारी किया था यलो अलर्ट
चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने पहले ही कई इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया था। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। अब सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से बारिश और तेज हवाओं का असर कुछ समय तक बना रहने की संभावना है।
अर्नब चक्रवात क्या है और यूपी तक क्यों पहुंचा असर?

मौसम सिस्टम को ‘अर्नब’ नाम दिया गया है। यह नाम बांग्लादेश की ओर से सुझाया गया है और बंगाली में इसका अर्थ महासागर बताया गया है। मौजूदा सिस्टम को मौसम विज्ञान की भाषा में डीप डिप्रेशन यानी गहरे दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश और खराब मौसम की स्थिति बनी है।
अगले 24 घंटे तक बारिश का असर रहने का अनुमान
चक्रवाती प्रभाव कमजोर पड़ने के बावजूद उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में अगले कुछ समय तक बारिश जारी रहने की संभावना है। चक्रवाती सिस्टम का असर कम से कम अगले 24 घंटे तक महसूस होने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कृषि विभाग करेगा फसल नुकसान का आकलन

चक्रवाती प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद कृषि विभाग की ओर से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा। धान, सब्जियों और अन्य फसलों को हुए नुकसान का आकलन होने के बाद किसानों पर पड़े वास्तविक प्रभाव की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल बारिश और तेज हवाओं ने प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है।











