UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
यूपी में भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
27 सितंबर तक यूपी में मौसम अलर्ट

भारी बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 सितंबर तक जिला प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को खुद फील्ड में जाकर राहत और बचाव की तैयारियों की निगरानी करने को कहा है। रेड अलर्ट और अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्कूल-कॉलेज बंद
राज्य सरकार ने अधिकारियों को आकाशीय बिजली, अत्यधिक बारिश और जलभराव से होने वाले नुकसान का तत्काल आकलन करने को कहा है। प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी अपील की गई है कि तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों, तालाबों और जलाशयों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बाढ़ और जलभराव को लेकर विशेष निगरानी

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। जर्जर मकानों और अस्थायी झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को जरूरत पड़ने पर नजदीकी राहत शिविरों में पहुंचाने को कहा गया है। प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार राहत और बचाव के इंतजाम सक्रिय रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव दक्षिणी ओडिशा तट को पार करने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। यह सिस्टम अगले कुछ समय तक प्रभावी रह सकता है और इसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बारिश बढ़ सकती है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी यूपी, जबकि 26 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
तापमान में 4 से 7 डिग्री तक गिरावट
बारिश के कारण अगले 48 घंटों में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में करीब 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। लखनऊ में बादल छाए रहने के साथ तेज सतही हवाएं और बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है।
लखनऊ एयरपोर्ट की एडवाइजरी
बारिश की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें, क्योंकि बारिश के चलते शहर में ट्रैफिक जाम और यात्रा में देरी हो सकती है। एयरपोर्ट टीम ने सुचारू संचालन के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है।
इन जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा

आज़मगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में राहत-बचाव की तैयारी तेज
राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी मौसम संबंधी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रशासन को जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों तक मौसम की चेतावनी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश और बाढ़ की स्थिति में बिना देरी कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारियों से कहा गया है कि संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखें और राहत-बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखें। बाढ़, जलभराव, आकाशीय बिजली या तेज हवाओं की स्थिति में बिना देरी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल यूपी में बारिश का दौर जारी रहने के कारण प्रशासन और राहत एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है।










