
UP Voter List 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय किया है। इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और पहले से दर्ज जानकारी में जरूरी सुधार भी किए जा सकेंगे। खास बात यह है कि पहली बार वोट डालने की तैयारी कर रहे युवाओं को भी मतदाता बनने का मौका मिलेगा।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका

बताते चले कि, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से तय कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। इसका मकसद सूची में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना और गलत या पुरानी जानकारी को ठीक करना है। इस प्रक्रिया के दौरान नागरिक अपने नाम की जांच कर सकेंगे। अगर किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित नियमों के अनुसार नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेगा। इसके अलावा नाम, पते और दूसरी जानकारियों में सुधार कराने का भी अवसर मिलेगा।
18 साल पूरे करने वाले युवाओं के लिए जरूरी खबर
आपको बता दे कि, इस पुनरीक्षण कार्यक्रम में उन युवाओं को खास मौका मिलेगा, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरी कर लेंगे। ऐसे पात्र युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहली बार वोट डालने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अहम प्रक्रिया है। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बाद ही पात्र नागरिक चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए युवाओं को तय समयसीमा के भीतर आवेदन करने और अपने दस्तावेजों की जानकारी सही रखने पर ध्यान देना होगा।
12 नवंबर को जारी होगा वोटर लिस्ट का प्रारूप
निर्वाचन विभाग के तय कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले मतदेय स्थलों के पुनर्गठन का काम पूरा किया जाएगा। इसके लिए 2 नवंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद 12 नवंबर 2026 को एकीकृत मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप जारी होने के बाद मतदाताओं को अपनी जानकारी जांचने का मौका मिलेगा। अगर किसी पात्र नागरिक का नाम छूट गया है या सूची में कोई गलती है, तो वह तय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकेगा।
11 दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे और आपत्तियां

मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक का समय तय किया गया है। इस दौरान पात्र नागरिक नाम जोड़ने, विवरण में सुधार कराने और मतदाता सूची से जुड़े दूसरे मामलों में आवेदन कर सकेंगे। इसलिए मतदाताओं के लिए जरूरी होगा कि वे प्रारूप में अपना नाम और अन्य जानकारियां ध्यान से जांच लें। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तय समय के भीतर संबंधित आवेदन करना होगा।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर राजनीतिक दलों के साथ बैठकें
मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को भी शामिल किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए राज्य और जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए हैं। इन बैठकों के जरिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम निर्धारित नियमों के मुताबिक पूरा हो सके।
4 जनवरी को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले प्रारूप जारी होने, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने तथा संबंधित आवेदनों की जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल मिलाकर, विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण नए मतदाताओं और पहले से पंजीकृत नागरिकों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। जो युवा 18 साल की उम्र पूरी करने जा रहे हैं, वे आवेदन का अवसर न चूकें। वहीं, अन्य मतदाताओं को भी अपनी जानकारी जांचकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका नाम सही विवरण के साथ सूची में दर्ज है।











