UP News: टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में योगी का बड़ा ऐलान, AI और निवेश से बदलेगा यूपी का टेक्सटाइल उद्योग

लखनऊ में यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने सपा सरकार पर हमला बोलते हुए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ का तंज कसा और अपनी सरकार के ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ मॉडल को गिनाया। सीएम ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नई योजनाएं लॉन्च कीं और निवेश, AI व निर्यात पर जोर दिया।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों और टेक्सटाइल सेक्टर को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग की संभावनाओं, निवेश और रोजगार को लेकर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर टेक्सटाइल क्षेत्र को लेकर सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पारंपरिक कारीगरों, बुनकरों और उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर इस क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

योगी आदित्यनाथ का सपा पर हमला

बताते चले कि, यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलना अपनी सरकार के विकास मॉडल से की। उन्होंने समाजवादी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) को बढ़ावा दिया।

इसी कड़ी में आगे, सीएम योगी ने कहा कि पहले पेशेवर अपराधियों और गुंडों का प्रभाव दिखाई देता था। उनके मुताबिक उस दौर में लोगों के बीच सुरक्षा और पहचान को लेकर संकट था। अब सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें उद्योग और कारोबार को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

यूपी में दंगामुक्त और माफियामुक्त माहौल का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश में आए दिन दंगों की घटनाएं होती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी का अभाव था और ऐसे माहौल में नए उद्योग लगाने की कल्पना करना भी मुश्किल था।

सीएम योगी ने कहा कि जब व्यापारी ही सुरक्षित नहीं होगा तो फैक्ट्री कैसे सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश दंगामुक्त, माफियामुक्त और कर्फ्यूमुक्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई माफिया जीप में घूमकर खुलेआम पिस्तौल नहीं लहरा सकता।

यूपी टेक्स उद्योग को नई योजनाओं की सौगात

आपको बता दे कि, यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी कई नई पहलों का भी शुभारंभ किया। इनमें ‘यूपी टेक्स मित्र’ पोर्टल, ‘हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ और ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ शामिल हैं।

इन पहलों के जरिए बुनकरों और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वस्त्र एवं परिधान उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जहां टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उत्पादों और तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।

टेक्सटाइल निवेश और रोजगार बढ़ाने पर मंथन

कॉन्क्लेव के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेक्सटाइल उद्योग के विशेषज्ञों के साथ गोलमेज सम्मेलन में संवाद किया। इस दौरान प्रदेश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर विशेषज्ञों से सुझाव लिए गए।

कार्यक्रम में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क में इकाइयां स्थापित करने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। सरकार का जोर टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने के साथ उत्पादन और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने पर है।

AI और आधुनिक मशीनों से बदलेगा यूपी का टेक्सटाइल उद्योग

यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के पहले दिन चार विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें वस्त्र उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। इसके साथ ही टेक्सटाइल उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी मजबूत करने के उपायों पर भी मंथन किया गया।

सरकार की कोशिश पारंपरिक बुनकरों और कुटीर उद्योगों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने की है। कॉन्क्लेव के जरिए उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उत्पादन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में रोडमैप तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

2