UP Teacher Promotion 2026: यूपी में 70 हजार शिक्षकों के प्रमोशन पर नया नियम, TET पास नहीं तो क्या होगा?

उत्तर प्रदेश में करीब 70 हजार शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया के बीच TET को लेकर नए निर्देश सामने आए हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए पात्रता की शर्तें अलग बताई गई हैं। वरिष्ठता सूची भेजने की तारीख 23 अक्टूबर और प्रमोशन का लक्ष्य 7 नवंबर तय होने की जानकारी है।

यूपी में 70 हजार शिक्षकों के प्रमोशन पर नया नियम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 17, 2026

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UP Teacher Promotion 2026: यूपी के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। करीब 10 साल बाद शुरू हुई प्रमोशन प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में लगभग 70 हजार शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रमोशन प्रक्रिया 7 नवंबर 2026 तक पूरी करने की तैयारी है।

प्रमोशन की पात्रता सूची में देना होगा TET का विवरण

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, पदोन्नति के लिए तैयार की जाने वाली पात्रता सूची में शिक्षकों को अपने TET उत्तीर्ण होने का पूरा विवरण देना होगा। संबंधित शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परीक्षा संबंधी विवरण सही और प्रमाणित हों। जिन शिक्षकों का जरूरी विवरण उपलब्ध नहीं होगा, उनकी पात्रता पर असर पड़ सकता है। इसलिए शिक्षकों को अपनी जानकारी और दस्तावेजों की जांच समय रहते कर लेनी चाहिए।

प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के लिए अलग शर्तें

प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के लिए अलग शर्तें
प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के लिए अलग शर्तें

पदोन्नति प्रक्रिया में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के TET को अलग-अलग आधार बनाया गया है। दिए गए निर्देशों के अनुसार, प्राथमिक स्तर का TET पास करने वाले शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति के लिए पात्र माने जाएंगे। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर का TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति का दावा कर सकेंगे। जिन शिक्षकों ने दोनों स्तरों की TET परीक्षा पास की है, वे संबंधित नियमों और पद की पात्रता के अनुसार दोनों स्तरों पर विचार किए जाने के पात्र हो सकते हैं।

प्रधानाध्यापक बनने के लिए अनुभव भी जरूरी

पदोन्नति में केवल TET और शैक्षिक योग्यता ही नहीं, बल्कि शिक्षण अनुभव को भी महत्वपूर्ण माना गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जूनियर स्कूलों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए कम से कम पांच साल का शिक्षण अनुभव जरूरी बताया गया है। वहीं, सीनियर स्कूलों में प्रधानाध्यापक पद के लिए कम से कम तीन साल के कार्य अनुभव की शर्त का उल्लेख किया गया है। संबंधित शिक्षकों को अंतिम पात्रता तय करने से पहले विभाग के आधिकारिक आदेश में पदवार नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।

BSA को 23 अक्टूबर तक भेजनी होगी वरिष्ठता सूची

BSA को 23 अक्टूबर तक भेजनी होगी वरिष्ठता सूची
BSA को 23 अक्टूबर तक भेजनी होगी वरिष्ठता सूची

पदोन्नति प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों यानी BSA को वरिष्ठता सूची तैयार करने और उसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पात्र शिक्षकों की वरिष्ठता सूची 23 अक्टूबर 2026 तक मुख्य कार्यालय भेजी जानी है। इस सूची के आधार पर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। समयसीमा का पालन नहीं होने पर विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जा सकती है।

शिक्षकों को अब किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को अपने TET प्रमाणपत्र, शैक्षिक अभिलेख, नियुक्ति संबंधी विवरण और सेवा अवधि की जानकारी सही रखनी चाहिए। वरिष्ठता सूची में नाम, पद और अनुभव से जुड़ी किसी गलती को समय रहते संबंधित अधिकारी के संज्ञान में लाना उपयोगी होगा। हालांकि, अंतिम पात्रता और पदोन्नति का निर्णय लागू शासनादेश, विभागीय नियमों तथा संबंधित सूची के सत्यापन के आधार पर ही होगा। शिक्षकों को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक आदेश और अपने जिले के बेसिक शिक्षा विभाग से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।