UP Smart Meter: यूपी में स्मार्ट मीटर योजना पर ब्रेक, पुराने मीटर बदलने पर रोक

स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए फिलहाल मीटर बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अब तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 19, 2026

UP Smart Meter: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। प्रदेशभर में पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह फैसला उपभोक्ताओं के विरोध और उठ रहे सवालों को देखते हुए लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटरों के इंस्टॉलेशन और बदलाव का कार्य स्थगित रहेगा। इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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विरोध के चलते लिया गया फैसला

UP Smart Meter
यूपी में स्मार्ट मीटर योजना पर ब्रेक

पिछले कुछ समय से राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप है कि नए मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की कि पुराने मीटरों को उनकी सहमति के बिना ही हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस कारण लोगों में असंतोष बढ़ा और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने 12 अप्रैल को एक तकनीकी समिति का गठन किया था, जो स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली और बिलिंग सिस्टम की जांच कर रही है। अब इस समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

नए कनेक्शन में जारी रहेगी स्मार्ट मीटर व्यवस्था

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए बिजली कनेक्शन के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जाते रहेंगे। यानी पूरी योजना को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि फिलहाल पुराने मीटरों के प्रतिस्थापन पर रोक लगाई गई है। प्रदेश में करीब 3.5 करोड़ बिजली मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई थी। इस दिशा में काम भी शुरू हो चुका था और कई जिलों में लाखों मीटर लगाए जा चुके थे।

अब तक लग चुके हैं 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिनमें बिलिंग में गड़बड़ी और मीटर की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत सरकार ने लगभग 27 हजार करोड़ रुपये खर्च कर पुराने मीटरों को बदलने का लक्ष्य रखा था। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया के लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाना था।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर सरकार आगे का निर्णय लेगी। यदि रिपोर्ट में कमियां पाई जाती हैं, तो योजना में बदलाव या सुधार किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे फिलहाल लोगों को राहत मिली है, लेकिन स्मार्ट मीटर योजना का भविष्य अब समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

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