UP SIR 2026: यूपी में छूटे वोटरों के नाम जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान, जानें पूरा प्लान

उत्तर प्रदेश में एसआईआर 2026 के बाद मतदाता सूची में छूटे पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। निर्वाचन आयोग बूथ स्तर पर कैंप लगाएगा और बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान करेंगे। पहली बार वोट देने वाले युवाओं, श्रमिकों और वंचित वर्गों के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

UP SIR 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

UP SIR 2026: उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से छूटे लोगों के नाम जोड़ने के लिए निर्वाचन आयोग विशेष अभियान चलाएगा। एक जनवरी 2027 को आधार मानकर पहली बार मतदान के योग्य होने वाले युवाओं पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाने के साथ बीएलओ घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे।

यूपी में SIR 2026 के बाद छूटे वोटरों को मिलेगा मौका

बताते चले कि, उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत मतदाता सूची को लेकर सियासी बहस के बीच निर्वाचन आयोग ने एक अहम कदम उठाया है। एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित रह गए पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी की गई है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से आठ अक्टूबर को आदेश जारी किया गया है।

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यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 16 लाख से अधिक कथित रहस्यमयी मतदाताओं को लेकर दावे किए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में मतदाता सूची में छूटे लोगों के नाम शामिल करने की प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यूपी वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के निर्देश के मुताबिक, एसआईआर-2026 के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से छूटे पात्र लोगों को अवसर देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। आयोग की योजना के तहत पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एक जनवरी 2027 को आधार मानते हुए उन युवाओं की पहचान की जाएगी, जो निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के योग्य होंगे। इसका उद्देश्य उन्हें आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान का अवसर उपलब्ध कराना है।

निर्वाचन आयोग की बैठक में छूटे मतदाताओं के नाम पर चर्चा

मतदाता सूची में छूटे लोगों को शामिल करने की प्रक्रिया को लेकर उत्तर प्रदेश में निर्वाचन अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें उन मतदाताओं की स्थिति पर चर्चा हुई, जिनके नाम एसआईआर के बाद तैयार सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं की पहचान करना और नाम जोड़ने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) राजनीतिक दलों को अभियान की जानकारी देंगे, ताकि वे भी अपने स्तर पर लोगों को जागरूक कर सकें।

बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे मतदाताओं की पहचान

विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। इसके बाद पात्रता के अनुसार उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराने में मदद की जाएगी। आयोग ने अभियान से संबंधित तस्वीरों और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि प्रक्रिया का उचित दस्तावेजीकरण किया जा सके।

इस दौरान नए मतदाताओं के साथ उन नागरिकों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो किसी कारणवश एसआईआर के दौरान सूची में शामिल नहीं हो पाए। अभियान की सफलता के लिए निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

यूपी वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए लगेंगे विशेष कैंप

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी और पात्र नागरिकों को आवेदन करने में सहायता मिलेगी। विशेष रूप से रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिक कॉलोनियों में रहने वाले मजदूरों और वंचित वर्गों के नागरिकों तक पहुंचने के लिए अलग से कैंप लगाने पर जोर दिया जाएगा। ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची पर नजर

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने का यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं से लेकर श्रमिकों और वंचित वर्गों तक पहुंचने की योजना का मकसद मतदाता पंजीकरण को व्यापक बनाना है। हालांकि, अभियान के वास्तविक परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि पात्र मतदाताओं की पहचान, आवेदन और नाम जोड़ने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी ढंग से पूरी होती है। निर्वाचन आयोग का जोर इस बात पर है कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए और सभी योग्य मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिले।