UP Politics: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर INDIA गठबंधन की सीट शेयरिंग का मुद्दा एक बार फिर सियासी चर्चा के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान चर्चा में है। मीडिया के सवाल पर जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस यूपी में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कर रही है, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा—“अखिलेश के बिना सब सूना है।”
अखिलेश यादव के बिना INDIA गठबंधन पर बयान के सियासी मायने
बताते चले कि, बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में INDIA गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से समय-समय पर सीटों की संख्या और गठबंधन की रणनीति को लेकर अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं।

हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बयान में सीट शेयरिंग के किसी फार्मूले का समर्थन या विरोध सीधे तौर पर नहीं किया। उनका बयान मुख्य रूप से अखिलेश यादव की भूमिका को लेकर था। इसी वजह से राजनीतिक हलकों में इसे अखिलेश यादव की अहमियत और उनकी भूमिका पर टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
UP में कांग्रेस की 150 सीटों की चर्चा के बीच बढ़ी हलचल
आपको बता दे कि, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की संभावित सीटों को लेकर INDIA गठबंधन के भीतर चर्चा लगातार बनी हुई है। कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा सामने आने के बीच समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा गठबंधन की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
ऐसे में कांग्रेस और सपा की सीट शेयरिंग पर होने वाली बातचीत पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजर है। सीटों की संख्या, संबंधित क्षेत्रों में दोनों दलों की संगठनात्मक स्थिति और संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा आगे बढ़ने की संभावना है।
INDIA गठबंधन की अहम बैठक से अखिलेश यादव की दूरी
इसी बीच यूपी में INDIA गठबंधन की सीट शेयरिंग को लेकर अहम बैठक भी चर्चा में है। बैठक में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात सामने आई है, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव ने अपने प्रतिनिधि को भेजा है। अखिलेश के खुद बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को लेकर सपा की ओर से अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक व्यस्तताओं का हवाला दिया जा रहा है। वहीं, गठबंधन की बैठक के दौरान कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर क्या रुख रहता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
राहुल गांधी, सोनिया गांधी और खड़गे की मौजूदगी पर नजर
बैठक में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की चर्चा है। कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी के कारण यूपी की सीट शेयरिंग से जुड़े मुद्दे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि के शामिल होने से बातचीत के अगले चरण पर भी निगाहें टिकी हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं और राज्य की राजनीति में सपा और कांग्रेस दोनों की अपनी राजनीतिक भूमिका रही है। ऐसे में INDIA गठबंधन का सीट बंटवारा चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
बृजभूषण पहले भी अखिलेश यादव को लेकर दे चुके हैं बयान
बृजभूषण शरण सिंह इससे पहले भी अखिलेश यादव को लेकर बयान दे चुके हैं। मीडिया से बातचीत में वह कह चुके हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव मुकाबले में हैं। अब “अखिलेश के बिना सब सूना है” वाले ताजा बयान ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच अंतिम सहमति का इंतजार है। आने वाले दिनों में गठबंधन की बैठकों और दोनों दलों के नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट होगा कि यूपी में सीट बंटवारे का फार्मूला किस दिशा में आगे बढ़ता है।










