UP News: ओपी राजभर पर सीएम योगी का मजेदार तंज, छात्रवृत्ति को लेकर कही बड़ी बात

सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में ओपी राजभर पर चुटकी ली। योगी ने कहा कि अगर राजभर को समय पर छात्रवृत्ति मिलती तो शायद वह पढ़-लिखकर होनहार बनते और नेता नहीं बनते। कार्यक्रम में 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 3, 2026

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर राजभर को उनके छात्र जीवन में समय पर छात्रवृत्ति मिल जाती तो वह भी पढ़-लिखकर होनहार बनते और शायद राजनीति में नहीं आते। योगी ने कहा कि उस समय की सरकार से छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण राजभर अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके।

ओम प्रकाश राजभर के संघर्ष का सीएम योगी ने किया जिक्र

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बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के बावजूद ओम प्रकाश राजभर ने जीवन में हार नहीं मानी। उन्होंने मेहनत और संघर्ष जारी रखा तथा जनता की आवाज बनकर उनके मुद्दों के लिए लड़ते रहे। योगी ने राजभर के शुरुआती जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने थ्री व्हीलर और टैक्सी तक चलाई है। इसके बाद संघर्ष करते हुए वह राजनीति में आए और आगे चलकर प्रदेश सरकार में मंत्री बने।

यूपी छात्रवृत्ति योजना के तहत 4.60 लाख छात्रों को मिली मदद

आपको बता दे कि, लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि ट्रांसफर की। सरकार के मुताबिक, इस चरण में अलग-अलग वर्गों के पात्र विद्यार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार इसे छात्र-हित में पारदर्शी और सीधे भुगतान की व्यवस्था के तौर पर पेश कर रही है।

ओबीसी, एससी, सामान्य और अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति

वर्तमान चरण में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के 2,23,615 विद्यार्थियों को 60.01 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है। अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों के लिए 64.54 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं सामान्य वर्ग के 38,084 छात्रों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जा रहा है।

नौ साल में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति वितरण के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल प्रदेश में 69 लाख विद्यार्थियों को करीब 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक कारणों से पढ़ाई में परेशानी न होने देना है।

छात्रवृत्ति योजना से जुड़े मंत्रियों का सीएम योगी ने दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मंत्री संजीव कुमार गोंड, असीम अरुण, दानिश आजाद और नरेंद्र कश्यप का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए ईमानदारी से प्रयास करना जरूरी है और मेहनत करने पर परिणाम भी मिलता है। योगी ने छात्र-छात्राओं से शिक्षा के साथ अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करते रहने का आह्वान किया।

2017 से पहले छात्रवृत्ति व्यवस्था को लेकर सीएम योगी का आरोप

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मुख्यमंत्री योगी ने 2017 से पहले की छात्रवृत्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिलती थी। योगी के मुताबिक, जब यह मामला उनके संज्ञान में आया तो दो वर्षों की लंबित छात्रवृत्ति एक साथ उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत स्पष्ट हो तो विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

हर महीने समय पर छात्रवृत्ति देने के अधिकारियों को निर्देश

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई के बीच प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति भेजने की व्यवस्था की गई है। समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों को हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छात्रवृत्ति पोर्टल और ऑटोमेशन से भुगतान व्यवस्था में बदलाव

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मुख्यमंत्री ने बताया कि एससी-एसटी विद्यार्थियों से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा के दौरान करीब चार लाख बच्चों का डाटा फीड नहीं मिला था। इसके बाद ऐसे विद्यार्थियों के लिए पोर्टल शुरू कराया गया। सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य पात्र छात्रों की पहचान, भुगतान और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

छात्रवृत्ति वितरण को लेकर सरकार का जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति को केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा को आगे बढ़ाने का माध्यम बताया। सरकार का जोर इस बात पर है कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिले और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचे। वहीं, ओपी राजभर के संघर्ष का जिक्र कर सीएम योगी ने यह संदेश भी दिया कि आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद लगातार मेहनत करने वाले लोग आगे बढ़ सकते हैं।