UP News: योगी सरकार का बड़ा प्लान, यूपी में अब मिलेंगे किफायती किराये के मकान

UP News: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों, कामकाजी लोगों, अल्प आय वर्ग के परिवारों और वरिष्ठ नागरिकों को किफायती किराये के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने पहल शुरू की है। शासन स्तर पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रेंटल हाउसिंग नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका उद्देश्य रोजगार और आर्थिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों के आसपास ऐसे आवास विकसित करना है, जहां जरूरतमंद लोगों को महंगे किराये के बजाय अपेक्षाकृत किफायती दरों पर रहने की सुविधा मिल सके। उच्चस्तरीय समिति गठित बताते चले कि, प्रस्तावित किफायती किराये के आवास

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 7, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों, कामकाजी लोगों, अल्प आय वर्ग के परिवारों और वरिष्ठ नागरिकों को किफायती किराये के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने पहल शुरू की है। शासन स्तर पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रेंटल हाउसिंग नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका उद्देश्य रोजगार और आर्थिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों के आसपास ऐसे आवास विकसित करना है, जहां जरूरतमंद लोगों को महंगे किराये के बजाय अपेक्षाकृत किफायती दरों पर रहने की सुविधा मिल सके।

उच्चस्तरीय समिति गठित

बताते चले कि, प्रस्तावित किफायती किराये के आवास की नीति को तैयार करने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अलावा कानपुर, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को सदस्य बनाया गया है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अपर आवास आयुक्त तथा नगर एवं ग्राम नियोजक विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक को भी समिति में शामिल किया गया है। समिति रेंटल हाउसिंग के लिए जमीन, निर्माण, संचालन और निजी क्षेत्र की भागीदारी समेत विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग रेंटल हाउसिंग व्यवस्था पर जोर

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, योगी सरकार की प्रस्तावित रेंटल हाउसिंग नीति में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए अलग कमेटी बनाई गई है। इस व्यवस्था में बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवास का स्वरूप, जरूरी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन तंत्र तय किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि वरिष्ठ नागरिकों को केवल रहने की जगह ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

रोजगार केंद्रों के पास विकसित होंगे किफायती किराये के मकान

प्रस्तावित किफायती रेंटल हाउसिंग योजना का सबसे बड़ा फोकस रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करने वाले लोगों पर रहेगा। औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक केंद्रों और बड़े रोजगार स्थलों के आसपास पर्याप्त संख्या में किराये के आवास विकसित करने की योजना है। इससे उन श्रमिकों और कामकाजी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें रोजगार के लिए शहर बदलने के बाद महंगे किराये के मकानों में रहना पड़ता है। पीपीपी मॉडल के जरिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से ऐसे आवासों के विकास की संभावना तलाश की जा रही है।

लखनऊ में 73 भूखंडों का लॉटरी से आवंटन

इसी बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को अनंत नगर आवासीय योजना के 73 भूखंडों का लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 1,414 आवेदकों के बीच लॉटरी ड्रॉ निकाला गया। जिन आवेदकों के नाम की पर्ची निकली, उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। इन 73 भूखंडों के आवंटन के साथ योजना के पांचवें चरण में अब तक कुल 520 भूखंडों का सफल आवंटन किया जा चुका है।

785 एकड़ में विकसित हो रही अनंत नगर आवासीय योजना

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, मोहान रोड स्थित अनंत नगर आवासीय योजना का विकास करीब 785 एकड़ क्षेत्रफल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। योजना में चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछाई जा रही हैं। योजना के बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित करने की योजना है। इसके अलावा करीब 130 एकड़ भूमि पर पार्क और ग्रीन स्पेस विकसित किए जाएंगे। इससे आवासीय क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के साथ हरित क्षेत्र भी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

पांच चरणों में हजारों आवेदकों ने भूखंडों के लिए किया आवेदन

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा के मुताबिक, अनंत नगर योजना के पहले चार चरणों में लगभग 1,700 भूखंड लॉटरी के जरिए आवंटित किए जा चुके हैं। इन चरणों में 35 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। पांचवें चरण में आशीष खंड के 520 भूखंडों के लिए 9 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया। इसके लिए कुल 8,727 आवेदन प्राप्त हुए थे। अब लॉटरी प्रक्रिया के जरिए चयनित आवेदकों को भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं।

रेंटल हाउसिंग नीति और अनंत नगर योजना से आवास पर बढ़ा फोकस

उत्तर प्रदेश में एक ओर सरकार किफायती किराये के आवास के लिए पीपीपी मॉडल पर नई नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर लखनऊ में बड़े पैमाने पर आवासीय योजनाओं को विकसित किया जा रहा है। रेंटल हाउसिंग नीति का उद्देश्य रोजगार वाले क्षेत्रों में कामगारों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए सुलभ किराये के मकान उपलब्ध कराना है। वहीं अनंत नगर जैसी योजनाओं में आधुनिक बुनियादी ढांचे, हरित क्षेत्र और नई शहरी सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है।