UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में सभी प्रत्याशियों को निर्विरोध जीत हासिल हुई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में 8 सीटें गई हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) के 2 उम्मीदवार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। इस तरह उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान मतदान की नौबत नहीं आई। निर्विरोध निर्वाचित होने वाले प्रत्याशियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज नाथवानी भी शामिल हैं, जो समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे।
राज्यसभा चुनाव में नाम वापसी की समयसीमा खत्म

बताते चले कि, राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम समयसीमा शाम 4 बजे तक निर्धारित थी। हालांकि, इससे पहले ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई थी। दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन पत्र जांच के दौरान अपूर्ण पाए जाने के कारण खारिज कर दिए गए थे। इसके बाद मैदान में बचे 10 उम्मीदवारों में से किसी ने भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया। परिणामस्वरूप, सभी 10 प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
CM योगी की मौजूदगी में BJP के 8 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
आपको बता दे कि, उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा की आठ सीटों के लिए अपने उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी के सभी आठ प्रत्याशियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में चुनाव अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किए थे। भाजपा की उम्मीदवार सूची में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई दी। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, क्षत्रिय और ब्राह्मण समुदाय से जुड़े नेताओं को शामिल किया गया।
BJP की राज्यसभा सूची में OBC, दलित, ब्राह्मण और क्षत्रिय चेहरों को जगह

भाजपा के आठ निर्वाचित प्रत्याशियों में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार शामिल हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से विद्यासागर सोनकर और प्रियंका रावत को उम्मीदवार बनाया गया था। वहीं, क्षत्रिय समुदाय से राम प्रताप सिंह चौहान और ब्राह्मण समुदाय से गोपी कृष्ण पांडे तथा राधाकांत ओझा को राज्यसभा भेजा गया है। पार्टी के आठ प्रत्याशियों में दो महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। इन नामों के जरिए भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा है।
समाजवादी पार्टी ने तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा
आपको बताते चले कि, राज्यसभा चुनाव में शुरुआत में कड़े मुकाबले की संभावना जताई जा रही थी। इसकी वजह समाजवादी पार्टी की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने की अटकलें थीं। हालांकि, नामांकन की अंतिम तारीख पर सपा ने तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला स्पष्ट कर दिया। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “अब हमारा ध्यान 3 सीटों पर नहीं, बल्कि 403 पर है।” उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा गया। सपा की ओर से राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने राज्यसभा के लिए दावेदारी पेश की थी।
UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 रिक्त सीटों के लिए कुल 12 नामांकन दाखिल किए गए थे। इनमें भाजपा के आठ, समाजवादी पार्टी के दो और दो निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे। जांच के दौरान दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन खारिज होने के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटकर 10 रह गई। किसी अन्य प्रत्याशी के नाम वापस नहीं लेने से सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। अब राज्यसभा चुनाव के नतीजों के साथ राजनीतिक दलों का ध्यान आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर केंद्रित होने की संभावना है।










