UP Politics: उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 के नामांकन के आखिरी दिन राजनीतिक गलियारों में उस समय बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी द्वारा तीसरे उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने की तमाम चर्चाओं पर खुद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने विराम लगा दिया. उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव की सभी 403 सीटों पर फोकस करने का संकेत दिया है.
अखिलेश यादव के पोस्ट ने बढाई सियासी हलचल

यूपी राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म होता नजर आ रहा है. पिछले कुथ दिनों से सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर कई सारी अटकलें लगाई जा रही थी. ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी अंतिम समय में किसी नाम की घोषणा कर सकती है और इसके बाद राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है, लेकिन अखिलेश यादव की ओर से सोशल मीडिया पर किए पोस्ट इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने संकेत दिया कि अब पार्टी का ध्यान राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय 2027 के विधानसभा चुनाव पर है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अब नजर तीन पर नहीं बल्कि 403 पर है.
2027 के लिए सपा की रणनीति
अब अखिलेश यादव के इस संकेत को सपा की चुनावी रणनीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले समाजवादी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर लगातार चर्चाएं थी और पार्टी के अंदर नामांकन की तैयारियों की खबरें सामने आई थी. अब 403 विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी का तत्काल राजनीतिक फोकस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 पर रहेगा। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है.
बीजेपी ने घोषित किए 8 उम्मीदवार

आपको बता दे कि, राज्यसभा चुनाव के मौजूदा समीकरण में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए आठ उम्मीदवार घोषित किए हैं। भाजपा की सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया है।
निर्विरोध निर्वाचन की पूरी संभावना
अखिलेश यादव के तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने के संकेत के बाद फिलहाल कुल 10 उम्मीदवारों के बीच ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। ऐसे में नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद यदि उम्मीदवारों की संख्या 10 ही रहती है, तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की स्थिति बन सकती है। हालांकि अंतिम स्थिति नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिल्ली रवाना हुए अखिलेश यादव और विपक्षी दलों का मार्च
तीसरे उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस खत्म करने वाले संदेश के बाद अखिलेश यादव मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए। बताया गया कि वह संसद में विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च में शामिल होंगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक तरफ राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी का ध्यान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर केंद्रित होने का संकेत मिल रहा है।
सपा के तीसरे प्रत्याशी पर लगा विराम

दरअसल, राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद से ही सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर चर्चा तेज थी। पार्टी की ओर से पहले दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे, जबकि तीसरे नाम को लेकर अंतिम समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। इससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इससे पहले सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी बताया था कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर उन्होंने संभावित तीसरे उम्मीदवार के नामांकन के लिए विधायकों के प्रस्तावक संबंधी दस्तावेज तैयार किए थे। हालांकि अब अखिलेश यादव के ताजा संदेश के बाद यह संभावना कमजोर पड़ गई है।
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 का आधिकारिक शेड्यूल

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हुई। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर, जबकि नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। यदि जरूरत पड़ी तो 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा और इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होगी।
2027 के विधानसभा चुनावों पर सपा का पूरा फोकस
राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव का 403 विधानसभा सीटों का उल्लेख उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने, विधानसभा सीटों पर रणनीति तैयार करने और 2027 के चुनाव की तैयारी तेज करने की चुनौती होगी। फिलहाल राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार को लेकर बना सस्पेंस खत्म होता दिख रहा है और आगे की तस्वीर नामांकन पत्रों की जांच तथा नाम वापसी के बाद पूरी तरह साफ होगी।










