UP News: उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण खराब हुई सड़कों और लंबित निर्माण कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक बुलाई है। 27 सितंबर को होने वाली PWD समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के कामकाज की विस्तार से समीक्षा होगी। बैठक में बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्त अभियान और अधूरे प्रोजेक्ट की प्रगति का हिसाब लिया जाएगा। प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी मुख्य अभियंताओं को जरूरी जानकारी और तैयारी के साथ बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
गड्ढामुक्त सड़क अभियान और अधूरे PWD कामों पर होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 से पहले स्वीकृत 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले अधूरे कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा होगी। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तैयार की गई पुनरीक्षित कार्ययोजना यानी रिवाइज्ड एक्शन प्लान की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2027-28 में प्रस्तावित नए कार्यों की कार्ययोजना पर भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
PWD बजट, खर्च और अतिरिक्त बिटुमिन की मांग का भी लिया जाएगा हिसाब
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत विभाग को आवंटित बजट और अब तक किए गए खर्च की भी समीक्षा होगी। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की वित्तीय प्रगति से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा जीएसटी और अतिरिक्त बिटुमिन की मांग से संबंधित रिपोर्ट भी बैठक में रखी जाएगी। प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को दोपहर 12 बजे होने वाली बैठक में इन आंकड़ों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
CM योगी की बैठक को लेकर छुट्टी में भी खुले रहेंगे PWD कार्यालय

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शनिवार और रविवार को भी प्रमुख अभियंता कार्यालय के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय, वृत्तीय और खंडीय कार्यालय खुले रहेंगे। विभाग के प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष ए.के. द्विवेदी के मुताबिक मुख्य अभियंता मुख्यालय-1, सेतु और भवन कार्यालयों में भी सामान्य दिनों की तरह कामकाज जारी रहेगा।
कानपुर में जर्जर सड़कों पर PWD से जवाब-तलब
इधर, कानपुर में भी खराब और जर्जर सड़कों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। शुक्रवार को हुई बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय ने शहर की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर खतरनाक गड्ढे हैं, उनमें बड़ी संख्या में सड़कें लोक निर्माण विभाग के अधीन हैं। बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय समेत जलकल, PWD, केस्को और मेट्रो के अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर सड़क मरम्मत पर विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश
मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों की स्थिति, क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और विभिन्न विभागों की ओर से की गई सड़क खुदाई के बाद मरम्मत की स्थिति की समीक्षा की गई। महापौर ने कहा कि कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं, जबकि कहीं पाइपलाइन, बिजली लाइन और दूसरे विकास कार्यों के लिए सड़कें खोदने के बाद उन्हें समय पर ठीक नहीं किया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
त्योहार से पहले PWD सड़कों की मरम्मत का अल्टीमेटम
महापौर ने PWD अधिकारियों को तत्काल मरम्मत योग्य सड़कों पर बिना देरी काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों का समय नजदीक है और सड़क मरम्मत में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों से मरम्मत में आ रही दिक्कतों और काम पूरा करने की समय-सीमा की जानकारी भी ली गई। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि एक विभाग द्वारा सड़क बनाने के बाद दूसरे विभाग की खुदाई के कारण सड़क दोबारा खराब नहीं होनी चाहिए।
10 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त सड़कें, पैचवर्क के लिए मौसम साफ होने का इंतजार
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर सड़कों पर चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की गई है। अधिकारियों को 10 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। जिन स्थानों पर बारिश के कारण पैचवर्क प्रभावित हो रहा है, वहां मौसम साफ होते ही काम में तेजी लाई जाएगी। वहीं, जिन क्षेत्रों में नई सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, वहां संबंधित विभाग अपनी कार्ययोजना के अनुसार काम आगे बढ़ाएंगे।
PWD समीक्षा बैठक से सड़क निर्माण और मरम्मत पर नजर
प्रदेश में बारिश के बाद सड़कें खराब होने और जगह-जगह गड्ढों की शिकायतों के बीच 27 सितंबर की मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक को अहम माना जा रहा है। बैठक में सड़क मरम्मत से लेकर बड़े अधूरे प्रोजेक्ट, बजट खर्च और आगामी कार्ययोजनाओं तक की प्रगति पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। इसके साथ ही जिलों में गड्ढामुक्त अभियान को तय समयसीमा में पूरा करने पर भी विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की तैयारी है।










