UP Politics: अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे बयान पर घिरी सियासत, योगी के मंत्रियों ने साधा निशाना

अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे से जुड़े बयान पर योगी सरकार के मंत्रियों ने पलटवार किया है। भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सपा सरकार के दौरान सड़क निर्माण पर सवाल उठाए, जबकि अनिल राजभर ने सैफई परिवार को लेकर आरोप लगाए। राजभर ने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यूपी में बढ़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क को उपलब्धि बताया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक्सप्रेसवे और सड़क निर्माण को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे से जुड़े बयान पर योगी सरकार के मंत्रियों ने पलटवार किया है। मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी और अनिल राजभर ने पिछली सपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए मौजूदा सरकार में सड़क और एक्सप्रेसवे के विस्तार को उपलब्धि बताया।

अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे बयान पर योगी सरकार का पलटवार

बताते चले कि, भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सरकार के कार्यकाल में सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता पिछली सरकार के दौरान हुए काम और उससे जुड़े विवादों से परिचित है। चौधरी के मुताबिक, अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ था और उसके निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए थे।

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अखिलेश यादव के बयान पर योगी के मंत्रियों का पलटवार

उन्होंने कहा कि जनता को सब कुछ पता है और इसलिए राजनीतिक बयान देते समय इन तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए। भूपेंद्र चौधरी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ऐसे बयानों से बचना चाहिए, क्योंकि प्रदेश की जनता सरकारों के कामकाज का आकलन खुद करती है।

एक्सप्रेसवे निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सियासी वार

आपको बता दे कि, भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सपा शासनकाल के दौरान सड़क निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों को मौजूदा राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के समय एक्सप्रेसवे निर्माण का दायरा सीमित था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार विस्तारित हुआ है।

सैफई परिवार को लेकर अनिल राजभर का अखिलेश यादव पर हमला

वाराणसी में मंत्री अनिल राजभर ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बनाई गई सड़कों के पीछे विकास से ज्यादा सैफई परिवार के हित और भ्रष्टाचार का उद्देश्य था। उन्होंने इन आरोपों को लेकर सपा शासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

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अनिल राजभर ने कहा कि मौजूदा सरकार जिस तरह से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है, उसे पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है। उन्होंने विपक्ष पर सरकार के कामकाज को लेकर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया। राजभर के मुताबिक, सत्ता में लौटने की राजनीतिक इच्छा के कारण विपक्ष की ओर से अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं।

सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर सपा-भाजपा में सियासी तकरार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सड़क और एक्सप्रेसवे लंबे समय से विकास के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे हैं। यही वजह है कि अखिलेश यादव के बयान के बाद भाजपा सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया भी इसी मुद्दे के इर्द-गिर्द रही। दोनों पक्ष अपने-अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को लेकर जनता के सामने अलग-अलग दावे रखते रहे हैं।

यूपी में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार का सरकार का दावा

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अनिल राजभर ने योगी सरकार के कार्यकाल में हुए सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए कई दावे किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे स्टेट के तौर पर विकसित करने की दिशा में काम किया गया है। राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है और इसका असर राज्य में निवेश के माहौल पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के निवेशकों की नजर उत्तर प्रदेश पर है और राज्य में निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।

देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी की हिस्सेदारी का दावा

अनिल राजभर ने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 56 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में मौजूद है। हालांकि, यह आंकड़ा सरकार के मंत्री द्वारा किया गया राजनीतिक दावा है और इसे आधिकारिक आंकड़ों से अलग से सत्यापित करना आवश्यक है। राजभर ने इसे योगी सरकार की सड़क एवं बुनियादी ढांचा नीति की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया।

एक्सप्रेसवे बना यूपी की सियासत का नया मुद्दा

अखिलेश यादव के बयान के बाद शुरू हुई यह राजनीतिक बहस सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों दल अपने-अपने शासनकाल के विकास मॉडल को जनता के सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता वर्तमान सरकार के एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं, जबकि सपा लगातार पूर्ववर्ती सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करती रही है।

आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में विकास, सड़क, एक्सप्रेसवे और निवेश जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण बने रह सकते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के बयान पर योगी सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया ने प्रदेश की सियासत में विकास मॉडल को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है।