UP Police News: उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अशोक कुमार सिंह को बड़ी पदोन्नति मिली है। राज्य सरकार ने 1 सितंबर 2026 को उनके प्रमोशन का आदेश जारी किया। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अशोक कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक यानी डीजी रैंक पर पदोन्नत किया गया है। उनके प्रमोशन के बाद पुलिस विभाग में उनकी जिम्मेदारी और प्रशासनिक भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
पे-मैट्रिक्स लेवल-16 पर हुई पदोन्नति
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, आईपीएस अशोक कुमार सिंह को पे-मैट्रिक्स लेवल-16 के पद पर पदोन्नति दी गई है। यह पद पुलिस विभाग में वरिष्ठतम प्रशासनिक स्तरों में शामिल है। उनकी पदोन्नति ऐसे समय हुई है, जब डीजी फायर सर्विसेज अशोक मुथा जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद डीजी स्तर पर एक पद खाली हुआ था। इसी रिक्ति के बाद अशोक कुमार सिंह को डीजी रैंक में स्थान दिया गया है।
अशोक मुथा जैन के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई थी जगह
डीजी फायर सर्विसेज अशोक मुथा जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद डीजी रैंक पर एक महत्वपूर्ण पद रिक्त हुआ था। इसी खाली पद के मद्देनजर 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार सिंह को पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया। सरकार के आदेश के बाद अब वह डीजी स्तर के अधिकारियों की सूची में शामिल हो गए हैं। उनके प्रमोशन को उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
1995 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी हैं अशोक सिंह
अशोक कुमार सिंह 1995 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका संबंध मूल रूप से बिहार के भभुआ क्षेत्र के इटाढ़ी गांव से बताया जाता है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और लंबे समय तक विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया।
गांव के प्राथमिक स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई
अशोक कुमार सिंह की प्रारंभिक शिक्षा उनके गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में हुई। उन्होंने गांव के स्कूल से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद उनकी शिक्षा का सफर आगे बढ़ा और उन्हें झारखंड के तिलैया स्थित सैनिक स्कूल में दाखिला मिला। सैनिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अनुशासन और शिक्षा के बेहतर माहौल में अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
रामजस कॉलेज से फिजिक्स में की पढ़ाई
सैनिक स्कूल से इंटर की शिक्षा पूरी करने के बाद अशोक कुमार सिंह ने दिल्ली के प्रतिष्ठित रामजस कॉलेज में दाखिला लिया। यहां उन्होंने भौतिक विज्ञान यानी फिजिक्स में स्नातक की पढ़ाई की और बीएससी ऑनर्स की डिग्री हासिल की। विज्ञान विषय में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बाद उन्होंने सिविल सेवा के क्षेत्र में कदम रखा और आईपीएस अधिकारी के रूप में अपना करियर आगे बढ़ाया।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से पुलिस सेवा के शीर्ष पद तक सफर
अशोक कुमार सिंह की कहानी ग्रामीण परिवेश से निकलकर पुलिस सेवा के शीर्ष स्तर तक पहुंचने की मिसाल के रूप में देखी जाती है। गांव के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा शुरू करने वाले अशोक सिंह ने सैनिक स्कूल और दिल्ली के रामजस कॉलेज तक का सफर तय किया। इसके बाद उन्होंने यूपी कैडर में आईपीएस अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली और विभिन्न पदों पर काम किया।
ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचान
पुलिस विभाग में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान अशोक कुमार सिंह ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। डीजी रैंक पर पदोन्नति के बाद उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियां और बढ़ने की उम्मीद है। सरकार के आदेश के साथ उनके लंबे पुलिस सेवा करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
डीजी रैंक के साथ बढ़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी
अशोक कुमार सिंह का डीजी रैंक पर प्रमोशन उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति है। पे-मैट्रिक्स लेवल-16 पर पदोन्नति मिलने के बाद वह विभाग के शीर्ष अधिकारियों में शामिल हो गए हैं। अब उनकी विशेषज्ञता और लंबे प्रशासनिक अनुभव का उपयोग पुलिस व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और जिम्मेदारियों में किया जा सकता है। उनकी पदोन्नति ने उनके समर्थकों और गृह क्षेत्र में भी उत्साह बढ़ाया है।
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