UP Police Action: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। 20 मार्च 2017 के बाद से प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की ओर से कई स्तरों पर कार्रवाई की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मुठभेड़, गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई के जरिए अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है। यह कार्रवाई केवल पारंपरिक अपराध तक सीमित नहीं रही, बल्कि साइबर क्राइम और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ाई है। यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपराध और साइबर अपराध के लिए अलग-अलग निगरानी एवं शिकायत व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी: 303 अपराधी ढेर, 12,202 घायल

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 20 मार्च 2017 के बाद प्रदेश में हुई मुठभेड़ों के दौरान 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए। इसी अवधि में 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा उन अपराधियों के खिलाफ रहा, जिन पर पहले से इनाम घोषित था और जिन्हें पुलिस लंबे समय से तलाश रही थी। हालांकि मुठभेड़ों से जुड़े आंकड़ों को उनके संदर्भ और कानूनी प्रक्रिया के साथ देखा जाना जरूरी है।
गैंगस्टर एक्ट और NSA के तहत अपराधियों पर कड़ा शिकंजा
अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA का भी इस्तेमाल किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 अपराधियों पर कार्रवाई की गई, जबकि 995 बड़े अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक गतिविधियां अधिनियम, 1986 और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून से संबंधित प्रावधान भी उपलब्ध हैं।
माफिया की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई
अपराध के खिलाफ कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माफिया और उनके सहयोगियों की कथित अवैध संपत्तियों पर भी केंद्रित रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया और उनके सहयोगियों की करीब 15,233 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया। इसके अलावा प्रदेश में 68 बड़े माफिया और उनके सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 909 एफआईआर दर्ज की गईं और 651 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। संपत्ति संबंधी कार्रवाई का उद्देश्य अपराध से अर्जित कथित आर्थिक लाभ पर रोक लगाना रहा।
साइबर क्राइम पर यूपी पुलिस की नजर

अपराध का दायरा डिजिटल दुनिया तक पहुंचने के साथ यूपी पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में भी कार्रवाई तेज की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगी से जुड़े मामलों में 874.58 करोड़ रुपये की रकम को फ्रीज कराया गया, जिससे पीड़ितों के पैसे को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद मिली। यूपी पुलिस के साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 24 घंटे के भीतर 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण
उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण की रणनीति अब सिर्फ गिरफ्तारी और पारंपरिक पुलिसिंग तक सीमित नहीं है। मुठभेड़ और गिरफ्तारी से लेकर गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति कुर्की और साइबर अपराध की रकम फ्रीज करने तक कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। आंकड़े सरकार और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का दायरा बताते हैं, जबकि किसी भी कार्रवाई के अंतिम कानूनी परिणाम संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं। यूपी पुलिस की वेबसाइट पर अपराध, मोस्ट वांटेड और साइबर क्राइम से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध हैं।










