
UP PET Exam 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 रविवार, 25 अक्टूबर से शुरू हो रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित इस परीक्षा में प्रदेश के 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लेने के लिए आवेदन किया है। परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के 60 शहरों में कुल 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
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पहले दिन करीब 12 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
परीक्षा के पहले दिन लगभग 12 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। परीक्षा छह पालियों में आयोजित की जाएगी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं। PET में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने का रास्ता खुलता है। इसलिए इस परीक्षा को नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने तैयारियों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को खानपान की वस्तुएं निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने और उनसे अधिक पैसे वसूलने से रोकने पर जोर दिया।

परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना जरूरी
आयोग ने अभ्यर्थियों को परीक्षा निर्धारित समय से दो घंटे पहले केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचने की सलाह दी है। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को अपने प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड भी ले जाना अनिवार्य है। इसलिए अभ्यर्थियों को घर से निकलने से पहले जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
बायोमेट्रिक सत्यापन से रोकी जाएगी नकल
परीक्षा में नकल और दूसरे अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए तकनीकी निगरानी की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों की तस्वीर और आइरिस स्कैन के माध्यम से बायोमेट्रिक डाटा लिया जाएगा और उसका सत्यापन किया जाएगा। अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कड़े दंड का प्रावधान भी बताया गया है। अधिकारियों का उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को कम करना है।
अभ्यर्थियों की श्रेणी के अनुसार आवंटित हुए केंद्र
आयोग के अनुसार, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अभ्यर्थियों की श्रेणी और निर्धारित मानकों के आधार पर किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को गृह जनपद में, जबकि महिला अभ्यर्थियों को गृह मंडल के जिलों में केंद्र आवंटित किए गए हैं। अन्य अभ्यर्थियों को गृह मंडल से बाहर नजदीकी मंडल के जिलों में परीक्षा केंद्र दिए गए हैं। वीआईपी मूवमेंट के कारण वाराणसी में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में शामिल होंगे।
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