UP News: मायावती के मंदिर की मांग ने खींचा ध्यान, BSP सुप्रीमो को लिखा पत्र

आरटीआई एक्टिविस्ट और भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने पूर्व सीएम और बसपा प्रमुख मायावती का मंदिर बनाने की मांग की है।

UP News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 23, 2026

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UP News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का मंदिर बनाने की मांग ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। यह मांग किसी आम पार्टी कार्यकर्ता ने नहीं, बल्कि अलीगढ़ के एक आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा उठाई गई है।

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क्या है पूरा मामला?

अलीगढ़ के थाना बन्ना देवी क्षेत्र के रहने वाले भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आरटीआई एक्टिविस्ट पंडित केशव देव गौतम ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का मंदिर बनवाने की इच्छा जताई है।

प्रार्थना पत्र भेजा: गौतम ने अपनी निजी जमीन पर मायावती की प्रतिमा स्थापित करने और मंदिर के निर्माण के लिए उनकी अनुमति एवं आशीर्वाद मांगने हेतु एक आधिकारिक प्रार्थना पत्र मायावती को भेजा है।

खैर तहसील में निर्माण की इच्छा: पंडित केशव देव गौतम अलीगढ़ जिले की खैर तहसील क्षेत्र में इस मंदिर का निर्माण कराना चाहते हैं।

पंडित केशव देव गौतम ने क्या कहा?

मायावती को भेजे गए पत्र और अपनी इस अनोखी पहल को लेकर गौतम ने कई बातें स्पष्ट की हैं:

देवी स्वरूप के रूप में आस्था: गौतम का कहना है कि वे खुद एक ब्राह्मण हैं, लेकिन उन्होंने वर्षों से पीड़ित और शोषित समाज के लिए मायावती द्वारा किए गए त्याग, समर्पण और संघर्ष को देखा है। इसी वजह से वे उन्हें ‘देवी स्वरूप’ मानते हैं।

निजी विचार और प्रेरणा: उनके अनुसार, यह पूरी तरह से उनके अपने निजी विचार हैं। मायावती का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि संघर्ष क्या होता है और उसे कैसे लड़ा जाता है।

आने वाली पीढ़ी के लिए संदेश: गौतम का मानना है कि इस मंदिर के निर्माण से समाज में जागरूकता आएगी और आने वाली युवा पीढ़ी उनके त्याग और संघर्ष के जीवन से प्रेरणा लेगी।

मायावती के राजनीतिक सफर पर रखी बात

पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन की सराहना करते हुए गौतम ने कहा कि मायावती ने अपना पूरा जीवन देश और प्रदेश के लिए समर्पित कर दिया है।

निदाग छवि: उनके अनुसार, मायावती ने आज तक अपने जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं किया जिससे उनके राजनीतिक या व्यक्तिगत दामन पर कोई दाग लगा हो।

सर्वजन हिताय का विजन: गौतम का यह भी कहना है कि आलोचकों की परवाह किए बिना उन्होंने हमेशा ‘सर्वजन हिताय’ और ‘सर्वजन सुखाय’ के मूल मंत्र पर काम किया है। यही वजह है कि उनके भीतर से यह भावना जागी कि वे मायावती का मंदिर बनवाएं ताकि उनके संघर्षों की गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके। इस अनूठी मांग के सामने आने के बाद से राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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